बूंदी। बूंदी के बालचंद पाड़ा की गलियों से निकलकर जतिन नामा अब जापान में अपनी अकादमिक पहचान बनाएगा। डॉ. जतिन नामा का **टोक्यो मेट्रोपोलिटन यूनिवर्सिटी** में प्रोफेसर पद पर चयन हुआ है। वह विश्वविद्यालय में छात्रों को पढ़ाने के साथ-साथ हाइड्रोजन एनर्जी सेक्टर के क्षेत्र में पोस्ट-डॉक्टरेट भी करेगा।
जतिन ने इसी महीने आईआईटी गांधीनगर से रसायन शास्त्र विषय में हाइड्रोजन एनर्जी सेक्टर पर पीएचडी पूरी कर डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है। उन्होंने अपनी पीएचडी प्रोफेसर सुधांशु शर्मा के निर्देशन में पूरी की। इसके बाद अब उनका चयन जापान की टोक्यो मेट्रोपोलिटन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर पद के लिए हुआ है।
जतिन सोमवार को बूंदी से टोक्यो के लिए रवाना होगा। जापान पहुंचने के बाद वह विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य के साथ अपने शोध को भी आगे बढ़ाएगा। हाइड्रोजन एनर्जी को ऊर्जा के उभरते क्षेत्रों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है और जतिन ने इसी क्षेत्र में शोध को अपना अकादमिक केंद्र बनाया है।
साधारण परिवार से निकलकर हासिल की उपलब्धि
जतिन नामा बूंदी कृषि उपज मंडी में सहायक कर्मचारी नारायण नामा और गृहिणी सावित्री नामा का पुत्र है। बूंदी के बालचंद पाड़ा क्षेत्र से निकलकर जापान की यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर पद तक पहुंचना उसके परिवार और क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है।
जतिन के जापान में प्रोफेसर पद पर चयन और पीएचडी पूरी करने पर युवा विकास वाहिनी अध्यक्ष पीयूष पाचक, जेपी त्रिपाठी, हेल्प लाइन क्लब के सुशील नागर सहित बालचंद पाड़ा क्षेत्र के लोगों और मित्रों ने बधाई दी। उन्होंने जतिन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
