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शिक्षित और संस्कारित बालिकाएं ही सशक्त समाज की आधारशिला : डॉ. अनीता यादव

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस सप्ताह के तहत राजकीय महाविद्यालय में जिलास्तरीय कार्यक्रम, बाल विवाह रोकथाम से लेकर साइबर सुरक्षा तक की जानकारी दी

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शिक्षित और संस्कारित बालिकाएं ही सशक्त समाज की आधारशिला : डॉ. अनीता यादव
शिक्षित और संस्कारित बालिकाएं ही सशक्त समाज की आधारशिला : डॉ. अनीता यादव
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नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी

शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मबल बालिकाओं के सशक्तिकरण के प्रमुख आधार हैं। शिक्षित और संस्कारित बालिकाएं ही सशक्त समाज की आधारशिला बनती हैं। यह बात शिक्षाविद् एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. अनीता यादव ने गुरुवार को बूंदी के राजकीय महाविद्यालय में आयोजित जिलास्तरीय किशोरी-बालिका संवाद सत्र में कही। जिला प्रशासन और महिला अधिकारिता विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस सप्ताह के तहत ‘नारी चौपाल-सशक्त बालिका-सुरक्षित समाज’ अभियान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

नवाचार एवं कौशल विकास प्रकोष्ठ, राजकीय महाविद्यालय बूंदी तथा उमंग संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री स्कूटी योजना की जिला नोडल प्रभारी डॉ. महिमा शर्मा ने की। मुख्य वक्ता शिक्षाविद् एवं सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा तेजकंवर, महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक मेरिंगटन सोनी और आयोजन प्रभारी प्रीति बंशीवाल भी मंचासीन रहीं।

डॉ. अनीता यादव ने कहा कि कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। डॉ. महिमा शर्मा ने बालिकाओं से बिना किसी भय के अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाएं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करती हैं। तेजकंवर ने शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर देते हुए बालिकाओं को अपनी सशक्त पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। मेरिंगटन सोनी ने कहा कि संवाद से बालिकाओं में व्यावहारिक ज्ञान, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित होती है।

कार्यक्रम में महिला अधिकारिता विभाग की पर्यवेक्षक सलोनी कुमावत और रजनी शर्मा ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। बाल अधिकारिता के जिला समन्वयक रामनारायण गुर्जर ने बाल विवाह रोकथाम और विधिक प्रावधानों के बारे में बताया। डॉ. कोमल आमेठा ने सर्वाइकल कैंसर, किशोरावस्था में स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी दी। कलिका टीम की लाड़ बाई और रानी ने महिला सुरक्षा, त्वरित सहायता तथा साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए। नवाचार एवं कौशल विकास प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. दिलीप राठौड़ ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

संवाद सत्र में केवीएस नेशनल सिल्वर मेडलिस्ट सुरभि मीणा और अंजलि के साथ मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना की लाभार्थी अर्चना चित्तौड़ा और राधा बाई ने अपने अनुभव साझा किए। इन सफलता की कहानियों के जरिए बालिकाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई। इस अवसर पर रामनारायण गुर्जर ने बाल विवाह मुक्त समाज और गोविंद प्रजापत ने नशामुक्त भारत के लिए प्रतिभागियों को शपथ दिलाई।

कार्यक्रम में उमंग संस्थान के समन्वयक कृष्णकांत राठौर ने अतिथियों का स्वागत किया। संवाद का संचालन रानी लक्ष्मीबाई केंद्र प्रभारी हेमलता टांक ने किया और पर्यवेक्षक प्रमिला ने आभार जताया। इस दौरान डॉ. सुमित्रा साहू, डॉ. भारतेंदु गौतम, डॉ. शहनाज, डॉ. सीता गहलोत, डॉ. मेघा गुप्ता, अमरीन परवीन, राशि श्रृंगी, सुमन बैरवा, विनीता अग्रवाल, अक्षिता चारण, पूर्णिमा गौतम, सलोनी, प्राची, अंकिता, आयुर्धा, आतिश वर्मा, गोविंद प्रजापत, हरीश साहू, रामसिंह और अशोक जायसवाल सहित महाविद्यालय के संकाय सदस्य, विद्यार्थी और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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