बूंदी। राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर गुरुवार को अध्यक्ष, सभापति और महापौर पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। परिसीमन के बाद बूंदी जिले के 8 नगर निकायों में सभापति पद का आरक्षण तय होने के साथ ही चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। इस बार जिले के 5 निकायों में सभापति पद अनारक्षित रखा गया है, जबकि तीन निकायों में महिला आरक्षण लागू हुआ है।
बूंदी नगर परिषद में सभापति पद अनारक्षित ओपन रखा गया है। पिछली बार यह पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित था। इसी तरह लाखेरी नगर पालिका में भी महिला आरक्षण हटाकर इस बार पद अनारक्षित ओपन किया गया है।
नैनवां नगर पालिका में पहले ओबीसी ओपन रहा सभापति पद अब अनारक्षित ओपन हो गया है। वहीं केशोरायपाटन नगर पालिका में पहले एससी ओपन रहा पद अब अनारक्षित ओपन रहेगा। नई बनी हिंडोली नगर पालिका में भी सभापति पद अनारक्षित ओपन रखा गया है।
वहीं कापरेन और इंदरगढ़ नगर पालिका में इस बार महिला को मौका मिला है। दोनों निकायों में पहले सभापति पद एससी ओपन था, जिसे अब अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित किया गया है। देई नगर पालिका में सभापति पद एससी महिला के लिए आरक्षित किया गया है।
17 अगस्त को होगी वार्डों की आरक्षण लॉटरी
सभापति पद का आरक्षण तय होने के बाद अब सभी की नजरें 17 अगस्त पर हैं। इस दिन कलेक्टर कार्यालय में बूंदी जिले के 230 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। इसमें एससी, एसटी, ओबीसी और महिला आरक्षण के आधार पर वार्ड तय किए जाएंगे। वार्ड आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद पार्षद पद के संभावित दावेदारों की चुनावी रणनीति भी स्पष्ट होगी।
बूंदी जिले के 8 नगर निकायों में कुल 230 वार्ड हैं। इन वार्डों में कुल 1,90,591 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 95,941 पुरुष, 94,649 महिला और 1 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
