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बूंदी के 25 विद्यालयों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम, 3,709 विद्यार्थियों को दी अधिकारों की जानकारी

अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं, सुरक्षा के लिए रहें मजबूत’ अभियान के तहत बच्चों को सुरक्षित शिक्षा और भेदभाव से संरक्षण के प्रति किया जागरूक

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बूंदी के 25 विद्यालयों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम, 3,709 विद्यार्थियों को दी अधिकारों की जानकारी
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बूंदी, 14 अक्टूबर | नागरिक अभिव्यक्ति। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बूंदी की ओर से मंगलवार को जिले के 25 सरकारी एवं निजी विद्यालयों में विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरिओम अत्री के मार्गदर्शन में संचालित अभियान के तहत कक्षा 8 से 12 तक के कुल 3,709 विद्यार्थी लाभान्वित हुए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश परनामी ने बताया कि ‘Speak Up For Your Rights, Stand Strong For Your Safety, No Child Should Be Unsafe Where Education Happens’ थीम पर आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, विद्यालय में सुरक्षा और शिक्षा के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देना रहा।

शिक्षा और सुरक्षा के अधिकारों की दी जानकारी

अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश अशोक चौधरी तथा बूंदी न्यायक्षेत्र में पदस्थापित न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सरल भाषा में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों की जानकारी दी।

विद्यार्थियों को प्रवेश और निःशुल्क शिक्षा के अधिकार, सुरक्षित विद्यालय भवन, योग्य शिक्षकों की उपलब्धता तथा भेदभाव और उत्पीड़न से संरक्षण के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी समस्या की स्थिति में उचित माध्यम से शिकायत करने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालयों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके तहत हर मौसम में उपयोग योग्य कक्षाएं, बाधारहित विद्यालय पहुंच, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, सुरक्षित पेयजल, पुस्तकालय, पर्याप्त शैक्षणिक सुविधाएं और खेल मैदान अथवा खुली जगह जैसी व्यवस्थाओं के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

शिकायत पेटी के माध्यम से विद्यार्थी रख सकेंगे अपनी बात

विद्यार्थियों की समस्याओं और सुझावों को सामने लाने के उद्देश्य से विद्यालयों में ‘सुझाव/शिकायत पेटी (कोर्ट वाली दीदी)’ भी रखी गई है। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी समस्याएं और सुझाव साझा कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण देना और उनकी शिकायतों को उचित मंच तक पहुंचाने में मदद करना है।

जर्जर विद्यालय भवनों पर तत्काल ध्यान देने की अपील

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अभिभावकों, शिक्षकों और आमजन से अपील की कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी निर्देशित किया गया कि यदि विद्यालय की छत या दीवार क्षतिग्रस्त अथवा जर्जर स्थिति में हो, तो विद्यार्थियों के बैठने के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना की आशंका को टाला जा सके।

इस विशेष अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने, विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने और शिक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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