बूंदी। बूंदी महोत्सव की शोभायात्रा इस बार विरासत की थीम पर निकाली जाएगी। इसमें सर्वसमाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे और आकर्षक झांकियों के जरिए बूंदी की संस्कृति व ऐतिहासिक धरोहरों की झलक दिखाई जाएगी। 27 से 29 नवंबर तक जिलेभर में होने वाले महोत्सव में नवलसागर किनारे दीपदान को भी भव्य स्वरूप देने की तैयारी है।
जिला कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को कलक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में महोत्सव की तैयारियों और प्रस्तावित कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। कलक्टर ने कहा कि आयोजनों में ऐसी नई गतिविधियां जोड़ी जाएं, जिनसे शहरवासी स्वप्रेरणा से जुड़ें। महोत्सव में आमजन की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ सभी कार्यक्रमों का सुव्यवस्थित संचालन किया जाए।
शोभायात्रा में दिखे बूंदी की पहचान
कलक्टर ने निर्देश दिए कि शोभायात्रा में बूंदी की सांस्कृतिक पहचान स्पष्ट नजर आनी चाहिए। सर्वसमाज की भागीदारी विविधता में एकता का संदेश दे। झांकियों को आकर्षक बनाने के साथ ऐतिहासिक धरोहरों का चित्रण भी किया जाए, ताकि देशी-विदेशी पर्यटक बूंदी के इतिहास और स्थापत्य से परिचित हो सकें।
पर्यटन स्थलों के वीडियो से होगा प्रचार
महोत्सव और बूंदी के प्रमुख पर्यटन स्थलों के प्रचार के लिए सोशल मीडिया का उपयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। कलक्टर ने पर्यटन स्थलों और महोत्सव से जुड़े वीडियो अधिकाधिक प्रसारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैठक में मिले सुझावों को शामिल कर पारंपरिक आयोजनों के साथ नई गतिविधियां जोड़ी जाएंगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर एच.डी. सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर सीलिंग रमेश देव, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक शरद व्यास, पर्यटन अधिकारी प्रेमशंकर सैनी, नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश राय, इंटेक संयोजक राजकुमार दाधीच और पर्यटन छायाकार नारायण मंडोवरा सहित अन्य मौजूद रहे।
