नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी
बूंदी महोत्सव इस बार नवाचारों और भव्य आयोजनों के साथ मनाया जाएगा। 5 से 7 दिसंबर तक आयोजित होने वाले महोत्सव में पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ऐसी गतिविधियां शामिल करने की तैयारी है, जिनसे आमजन के साथ देशी-विदेशी पर्यटकों की भागीदारी भी बढ़े।
महोत्सव की तैयारियों को लेकर गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) रमेश देव की अध्यक्षता में बैठक हुई।
इसमें कार्यक्रमों को आकर्षक बनाने और बूंदी की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर चर्चा की गई।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि महोत्सव में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए नई गतिविधियां शामिल की जाएं। शोभायात्रा की झांकियों में बूंदी की संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों की झलक दिखाई देनी चाहिए। नवल सागर के किनारे दीपदान कार्यक्रम को भव्य रूप देने के साथ जिले के उपखंड स्तर पर भी विविध आयोजन किए जाएंगे, ताकि मुख्यालय के बाहर भी लोगों और पर्यटकों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
बैठक में महिला संगठनों की प्रतिनिधियों ने भी सुझाव दिए। महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और वीणा, बांसुरी सहित पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियों के जरिए विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने पर जोर दिया गया। बूंदी के ऐतिहासिक स्थलों और धरोहरों को चित्रण व प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित करने की योजना भी चर्चा में रही।
महोत्सव के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया पर बूंदी के प्रमुख पर्यटन स्थलों और आयोजनों से जुड़े वीडियो अधिकाधिक प्रसारित किए जाएंगे। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय सिंह चंपावत, उपखंड अधिकारी लक्ष्मीकांत मीणा, जिला कोषाधिकारी चित्रा सिंह, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक शरद व्यास और पर्यटन अधिकारी प्रेम शंकर सैनी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
