बूंदी। बूंदी नगर परिषद के 60 वार्डों के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड बनना लगभग तय हो गया है। चुनाव में भाजपा ने 29 वार्डों में जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस के 20 और निर्दलीय प्रत्याशी 11 वार्डों में विजयी रहे। भाजपा बहुमत के लिए जरूरी संख्या से दो सीट दूर थी। सोमवार को चार निर्दलीय पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी की संख्या बढ़कर 33 हो गई है।
इन परिस्थितियों में अब भाजपा के लिए बोर्ड गठन का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, सभापति कौन बनेगा, इसे लेकर पार्टी के भीतर मंथन शुरू हो गया है। सभापति पद की दौड़ में नागेंद्र शर्मा, सुरेश अग्रवाल, भरत शर्मा और संजय भूटानी के नाम प्रमुखता से सामने बताए जा रहे हैं।
निर्दलीयों की भूमिका फिर अहम
बूंदी नगर परिषद में पिछले चुनाव की तरह इस बार भी निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। चुनाव में विजयी हुए कई निर्दलीय प्रत्याशियों ने भाजपा और कांग्रेस से टिकट के लिए आवेदन किया था, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
चुनाव परिणाम के बाद बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। सोमवार दोपहर बाद निर्दलीय पार्षदों का भाजपा कार्यालय पहुंचना शुरू हुआ।
चार निर्दलीय पार्षद भाजपा में शामिल
बूंदी नगर परिषद चुनाव में विजयी निर्दलीय पार्षदों में से चार ने सोमवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इनमें वार्ड 16 से विजयी विशाल शर्मा, वार्ड 1 से प्रभा देवी बैरागी, वार्ड 3 से आत्माराम चौपदार और वार्ड 7 से सुनीता गुर्जर शामिल हैं।
भाजपा में शामिल हुए निर्दलीय पार्षदों का वरिष्ठ भाजपा नेताओं डॉ. बद्री गोचर, विशाल शर्मा, अजीत मेहता और आनंद गर्ग ने भाजपा का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान पार्षदों ने भाजपा की रीति-नीति में विश्वास जताते हुए पार्टी के साथ जुड़ने की घोषणा की।
चार निर्दलीय पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी के पास अब 33 पार्षद हो गए हैं। ऐसे में भाजपा के लिए नगर परिषद में बहुमत हासिल कर बोर्ड बनाने की स्थिति मजबूत हो गई है।
अब सभी की नजरें सभापति पद के उम्मीदवार के नाम पर टिकी हैं। पार्टी नेतृत्व किस पार्षद को सभापति पद के लिए आगे करता है, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
