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बूंदी में विधि-विधान से शुरू हुए नागर समाज के गरबे

हाटकेश्वर भवन में घट स्थापना के बाद डांडिया और गरबा रास की मनमोहक प्रस्तुतियां, विजयादशमी पर होगा समापन

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विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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बूंदी में विधि-विधान से शुरू हुए नागर समाज के गरबे
बूंदी में विधि-विधान से शुरू हुए नागर समाज के गरबे
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बूंदी, 13 अक्टूबर | नागरिक अभिव्यक्ति। नागर समाज की ओर से आयोजित पारंपरिक गरबा महोत्सव का शुभारंभ दूसरे नवरात्र के अवसर पर हाटकेश्वर भवन में विधि-विधान और धार्मिक उत्साह के साथ हुआ। कार्यक्रम में समाज की महिलाओं और युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भक्ति गीतों पर गरबा व डांडिया की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं।

गरबा महोत्सव की शुरुआत से पहले समाज की महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक घट और गरबे की स्थापना की। इसके बाद डांडिया और गरबा रास का आयोजन हुआ। महिलाओं और युवतियों ने भक्तिमय गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

महिलाओं और बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर लिया भाग

आयोजन में कुसुम मेहता, पूजा नागर, अलका मेहता, निशा मेहता, हेमा मेहता, मीनाक्षी झा, मोहिता मेहता, नीलम मेहता, वंदना मेहता, प्रीति मेहता, रश्मि ठाकोर, कीर्ति नागर, रजनी मेहता, ललिता झा, शालिनी नागर, शिखा ठाकोर, आकाशी झा, शोभना मेहता, सीमा झा, इन्द्रा ठाकोर, उषा ठाकोर, आरती ठाकोर, आरती झा, उषा झा और स्मृति ठाकोर सहित समाज की अनेक महिलाओं एवं बालिकाओं ने भाग लिया।

प्रतिदिन होगा गरबा, आयोजित होंगी प्रतियोगिताएं

आयोजन समिति की प्रवक्ता अलका मेहता ने बताया कि नवरात्र महोत्सव के दौरान हाटकेश्वर भवन में प्रतिदिन विशेष ड्रेस कोड के साथ गरबा आयोजित किया जाएगा। महोत्सव को रोचक और उत्साहपूर्ण बनाने के लिए प्रतिभागियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं भी रखी जाएंगी।

विजयादशमी पर होगा महोत्सव का समापन

गरबा महोत्सव का समापन विजयादशमी के दिन होगा। इस अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार नवल सागर झील पर गरबों का विसर्जन किया जाएगा। आयोजन के माध्यम से नागर समाज की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक एकजुटता को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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