नागरिक अभिव्यक्ति @ बूंदी
बूंदी। ऐतिहासिक नवल सागर झील में ढाई हजार दीपों की रोशनी ने बूंदी के सांस्कृतिक वैभव को जीवंत कर दिया। भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटेक) की ओर से आयोजित महाकवि सूर्यमल मिश्रण जन्मोत्सव सप्ताह का समापन दीपदान के साथ हुआ। झील में जगमगाते दीपों का विहंगम दृश्य देखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ विदेशी पर्यटक भी आकर्षित हुए और उन्होंने उत्साहपूर्वक दीपदान में भाग लिया।
इंटेक संयोजक राजकुमार दाधीच ने बताया कि जन्मोत्सव सप्ताह के समापन पर आयोजित दीपोत्सव में करीब ढाई हजार दीप प्रज्ज्वलित कर नवल सागर झील को रोशनी से सजाया गया। दीपों की जगमगाहट से झील का नजारा मनोरम हो उठा। आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने भाग लेकर दीपदान किया। विदेशी पर्यटकों की सहभागिता ने भी आयोजन को खास बनाया।
दीपोत्सव को यादगार बनाने में सह संयोजक राजेंद्र भारद्वाज, दीपदान प्रभारी जेपी त्रिपाठी, मनीष सिसोदिया, पीयूष पाचक, अनुराग शर्मा, ऋतुराज दाधीच, अशोक शर्मा, नंद प्रकाश शर्मा नंजी और आलोक विजयवर्गीय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम में उषा शर्मा, विश्वनाथ भारद्वाज, राम सोनी, पीयूष जैन, संजय जैन, शिव तोषनीवाल, साधना शृंगी और अंजू बाला सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
