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झाड़ियों में मिले नवजात को मिला माता-पिता का वात्सल्य

बेंगलुरु के दंपती ने लिया गोद, जिला कलेक्टर की अपील—अनचाहे शिशुओं को फेंकें नहीं, पालना गृह में सुरक्षित छोड़ें

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नागरिक अभिव्यक्ति | बूंदी, 8 अक्टूबर। बूंदी जिले के डाबी क्षेत्र में झाड़ियों में लावारिस हालत में मिले नवजात को आखिरकार नया परिवार और सुरक्षित भविष्य मिल गया है। केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के माध्यम से बेंगलुरु के एक दंपती ने बालक को विधिवत गोद लिया है। बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रामराज मीणा ने इसकी जानकारी दी।

सहायक निदेशक ने बताया कि 14 अप्रैल 2026 को डाबी क्षेत्र की झाड़ियों में नवजात शिशु लावारिस अवस्था में मिला था। सूचना मिलने पर बच्चे को तत्काल कोटा के जे.के. लोन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार किया गया। स्वास्थ्य में सुधार के बाद बाल कल्याण समिति, बूंदी ने बच्चे को अपने संरक्षण में ले लिया। इसके बाद 28 अप्रैल 2026 से बालक राजकीय विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी, बूंदी में रह रहा था।

बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सीमा पोद्दार ने बताया कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद बच्चे को विधिक रूप से दत्तक ग्रहण के लिए मुक्त घोषित किया गया। इसके बाद CARA की प्रक्रिया के माध्यम से बेंगलुरु के दंपती ने बालक को गोद लिया। इससे बच्चे को परिवार, स्नेह और सुरक्षित भविष्य का नया आधार मिला है।

इस अवसर पर जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने आमजन से महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में अनचाहे नवजात शिशुओं को झाड़ियों, कूड़ेदान या किसी अन्य असुरक्षित स्थान पर नहीं छोड़ा जाए। यदि कोई माता-पिता या परिजन किसी कारणवश बच्चे का पालन-पोषण करने में असमर्थ हैं, तो वे शिशु को राजकीय अस्पतालों या शिशु गृहों में स्थापित पालना गृह में सुरक्षित छोड़ सकते हैं। इसके अलावा बच्चे को बाल कल्याण समिति, बूंदी के समक्ष भी प्रस्तुत किया जा सकता है।

कलेक्टर ने कहा कि पालना गृह और बाल संरक्षण संस्थाओं में बच्चे की पहचान को गोपनीय रखा जाता है। सुरक्षित माध्यम अपनाकर एक मासूम का जीवन बचाया जा सकता है और उसे बेहतर भविष्य मिल सकता है।

बालक को बेंगलुरु के दंपती को सौंपने की प्रक्रिया के दौरान संरक्षण अधिकारी गोविंद कुमार गौतम, दीपिका वशिष्ठ, परिता शर्मा और सरफराज आलम सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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