बूंदी, 3 अक्टूबर। पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 को देखते हुए ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट हरफूल सिंह यादव ने ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के दौरान लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 28 नवंबर 2026 तक शहरी निकायों की सीमा से बाहर जिले के समस्त ग्रामीण क्षेत्रों की राजस्व सीमाओं में प्रभावी रहेगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने यह आदेश आमजन की शांति बनाए रखने, विद्यार्थियों की पढ़ाई में व्यवधान रोकने तथा वयोवृद्ध और बीमार व्यक्तियों को अत्यधिक शोर से होने वाली परेशानी से बचाने के उद्देश्य से जारी किया है।
रात 10 से सुबह 6 बजे तक पूरी तरह प्रतिबंध
आदेश के अनुसार उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक की अनुमत अवधि में भी लाउडस्पीकर अत्यधिक तेज आवाज में नहीं बजाए जा सकेंगे।
प्रचार वाहनों के लिए लेनी होगी पूर्व अनुमति
चुनाव प्रचार के लिए वाहनों पर लाउडस्पीकर लगाने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति के लिए दिए जाने वाले आवेदन में वाहन का रजिस्ट्रेशन विवरण तथा प्रत्याशी या राजनीतिक दल का नाम दर्ज करना होगा।
लाउडस्पीकर लगाकर प्रचार में उपयोग किए जाने वाले वाहनों से संबंधित खर्च को निर्धारित रजिस्टर में दर्ज करना होगा और उसे चुनाव खर्च में शामिल करना अनिवार्य रहेगा।
सभा और जुलूस में भी लिखित अनुमति जरूरी
किसी सार्वजनिक सभा या जुलूस में स्थिर लाउडस्पीकर का उपयोग करने के लिए संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी। बिना अनुमति या निर्धारित समय के बाहर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई
जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि के बाहर अथवा सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना लाउडस्पीकर का उपयोग करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 की धारा 5 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
