नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी
शहर के ऐतिहासिक आजाद पार्क में नगर परिषद के तत्वावधान में चल रही रामलीला के पांचवें दिन गुरुवार रात राम वनवास और केवट प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। मंथरा-कैकेयी संवाद, राजा दशरथ की व्यथा और भगवान श्रीराम के वनगमन के दृश्यों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। केवट द्वारा श्रीराम के चरण पखारने के प्रसंग पर पूरा पार्क जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
मंचन में कलाकारों ने कैकेयी की जिद, मंथरा की चाल और वचनबद्ध राजा दशरथ की पीड़ा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। इसके बाद श्रीराम के वनगमन और गंगा तट पर निषादराज केवट से जुड़े प्रसंग ने दर्शकों को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों ने रामायण जी की आरती कर सुख-शांति की कामना की। पूर्व पालिका अध्यक्ष मोड़ू लाल वर्मा मुख्य अतिथि रहे, जबकि पूर्व पालिका अध्यक्ष सुरेश जिंदल ने अध्यक्षता की। पूर्व उपसभापति संतोष कटारा विशिष्ट अतिथि रहे। महोत्सव समिति अध्यक्ष दिलीप सिंह राजावत सहित संध्या रावल, पैंशु सिंह, उमा जांगिड़, मोहन कराड, मनोज गोचर, नरेंद्र गुर्जर, सुरेश परिहार और मनोज गौतम ने अतिथियों का माला पहनाकर व साफा बंधवाकर स्वागत किया। मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन ने बताया कि मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और देर रात तक रामलीला का आनंद लिया।
