बूंदी। शहर के ऐतिहासिक आजाद पार्क में नगर परिषद के तत्वावधान में आयोजित रामलीला के आठवें दिन रविवार रात रामायण के प्रमुख युद्ध प्रसंगों का मंचन किया गया। मेघनाथ के प्रहार से लक्ष्मण के मूर्छित होने, हनुमान के संजीवनी बूटी लेकर लौटने तथा कुंभकरण और मेघनाथ वध के दृश्यों ने दर्शकों को भावुक और रोमांचित कर दिया। मंचन के दौरान दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।
रामलीला में रावण के पुत्र मेघनाथ और वानर सेना के बीच भीषण युद्ध का दृश्य प्रस्तुत किया गया। मेघनाथ के शक्तिशाली प्रहार से लक्ष्मण के मूर्छित होने के प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इस दौरान श्रीराम के विलाप और वानर सेना में छाए सन्नाटे को कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से मंच पर उतारा।
संजीवनी बूटी लेकर लौटे हनुमान
लक्ष्मण के मूर्छित होने के बाद वैद्य सुषेण के परामर्श पर हनुमान संजीवनी बूटी लेने के लिए रवाना होते हैं। पर्वत सहित संजीवनी बूटी लेकर लौटने के प्रसंग को रामलीला का प्रमुख आकर्षण बनाया गया। हनुमान के पराक्रम के दृश्य पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह जताया।
इसके बाद नींद से जागकर युद्धभूमि में उतरे महाबली कुंभकरण के पराक्रम और उसके वध का मंचन हुआ। अंत में भगवान श्रीराम के हाथों कुंभकरण और मेघनाथ के वध के प्रसंगों के साथ धर्म की अधर्म पर विजय का संदेश दिया गया।
अतिथियों ने की रामायण की आरती
मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन ने बताया कि कार्यक्रम में कोटा के पूर्व महापौर महेश विजय मुख्य अतिथि रहे, जबकि पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में भाजपा शहर अध्यक्ष राजकुमार श्रृंगी, जिला मोर्चा संयोजक महावीर जैन और मंडल प्रतिनिधि अशोक शर्मा शामिल रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने रामायण की आरती और दीप प्रज्ज्वलन के साथ की। इसके बाद दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह राजावत तथा पार्षद प्रियंका मुंदड़ा, संस्कृति जैन, उमा जांगिड़, पप्पू बेरवा और मनोज गोचर ने अतिथियों का माला पहनाकर और साफा बंधवाकर स्वागत किया
कार्यक्रम का संचालन लोकेश दाधीच ने किया। रामलीला के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों ने धार्मिक प्रसंगों का आनंद लिया और जयकारों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
