बूंदी, 3 अक्टूबर। जिले में सड़क संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 70 करोड़ रुपए के विभिन्न सड़क विकास कार्यों को मंजूरी मिली है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अनुशंसा पर स्वीकृत इन कार्यों में सड़क निर्माण, नॉनपेचेबल और मिसिंग लिंक से जुड़े कार्य शामिल हैं। इनके पूरा होने से ग्रामीण क्षेत्रों का मुख्य मार्गों से संपर्क बेहतर होने और आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा ने बताया कि लंबे समय से प्रस्तावित सड़क कार्यों को स्वीकृति मिलने और कई कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी होने से निर्माण का रास्ता साफ हुआ है। उन्होंने इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया।
बजट घोषणा में 16 सड़क कार्य शामिल
बजट घोषणा के तहत बूंदी, केशवरायपाटन, लाखेरी और नैनवां क्षेत्रों में 16 सड़क कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें लोहली से मालियों की बाड़ी, जखाना पुलिया से भाटों का खेड़ा, जालोड़ा रोड से बम्बोरी रोड, बम्बोरी में हनुमानजी मंदिर से रायथल रोड, बक्सपुरा फाटक से बाजड़ नहर और बिजाड़ी रोड से डोपड़िया तक सड़क निर्माण शामिल है।
इसके अलावा बरुधन में एसएच-115 से नमाना रोड तक बाईपास, ठिकरिया कला रोड से विकास नगर, मंगला से तिखाबरड़ा-भलस्वा, हस्तिनापुर से इन्द्रपुरिया, जगन्नाथपुरा से मोरखुंदना, बांदड़ली स्कूल से महादेव मंदिर और लेसरदा रोड से बंजारों की झोपड़ियों तक सड़क निर्माण प्रस्तावित है। कोड़ड़ी से बाबा छप्पनजी महाराज तथा बिशनपुरा से इन्द्रगढ़-उनियारा रोड तक के कार्य भी योजना में शामिल किए गए हैं।
केशवरायपाटन-लाखेरी क्षेत्र के छह सड़क कार्यों के लिए 8.96 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। इनमें कई कार्यों के वर्क ऑर्डर भी जारी हो चुके हैं।
22 सड़क कार्यों के लिए 29.89 करोड़ की स्वीकृति
योजना के तहत 3 मिसिंग लिंक और 19 नॉनपेचेबल सहित कुल 22 सड़क कार्यों को भी स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों के लिए 29.89 करोड़ रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
इनमें बूंदी क्षेत्र के लालपुरा से शिवशक्ति का खेड़ा, झरमहादेव संपर्क सड़क, भेरूपुरा बरड़ रोड से मंडावरी फार्म, कोटा-बूंदी रोड जरखोदा से ठिकरिया चारणान, खेलूंदा, खेड़ा माताजी, गोपालपुरा बरड़ से देवगढ़ तथा विनायका बैरवा बस्ती तक संपर्क सड़क के कार्य शामिल हैं।
सड़क विकास कार्यों की स्वीकृति से जिले के ग्रामीण इलाकों में आवागमन की सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है। विशेष रूप से ऐसे गांवों और बस्तियों को मुख्य सड़कों से जोड़ने पर जोर दिया गया है, जहां लंबे समय से सड़क निर्माण और मरम्मत की जरूरत महसूस की जा रही थी।
