नागरिक अभिव्यक्ति | बूंदी, 27 अक्टूबर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अधिकारियों को ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसे धरातल पर लागू करने पर जोर दिया गया।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का विवरण नियमित रूप से ई-डार पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट पर हादसों में कमी लाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने और प्रचार माध्यमों के जरिए वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने को कहा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश भी दिए।
आवारा पशु हटाने और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई
बैठक में जिला कलक्टर ने सड़कों पर विचरण करने वाले आवारा पशुओं को हटाकर निकटतम गौशालाओं में पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित पशु मालिकों से नियमानुसार जुर्माना वसूलने के बाद ही पशुओं को छोड़े जाने की बात कही।
सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम करने और दृश्यता बढ़ाने के लिए सड़क किनारे उगी झाड़ियों की सफाई करवाने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा सड़कों पर अवैध रूप से खड़े ट्रकों और बसों के खिलाफ नियमानुसार चालान की कार्रवाई करने को कहा गया।
रात में रोशनी और विद्यार्थियों की सुरक्षा पर जोर
जिला कलक्टर ने शहरी क्षेत्रों में रात के समय सड़क हादसों की रोकथाम के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राहगीरों और विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर बस स्टॉप और फुट ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर भेजने तथा आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अदिति चौधरी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कोटा के परियोजना निदेशक संदीप अग्रवाल, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार गुप्ता, जिला परिवहन अधिकारी सौम्या शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
