नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी
पानी की बर्बादी रोकने के लिए अब विद्यार्थियों को जल संरक्षण का संदेशवाहक बनाने की पहल की जा रही है। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (रूडिप) की ओर से गुरुवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चौगान गेट में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को नई पेयजल वितरण परियोजना, पानी के सदुपयोग और जल संरक्षण के तरीकों की जानकारी देकर अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
रूडिप के अधीक्षण अभियंता हेमंत कुमार चौरसिया और अधिशाषी अभियंता दीप्ति पाटनी के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक विकास अधिकारी श्रीकान्त शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जल प्रकृति की अमूल्य धरोहर है और इसकी प्रत्येक बूंद का महत्व समझना जरूरी है। बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और जल के अनावश्यक दोहन के कारण भविष्य में जल संकट गंभीर चुनौती बन सकता है। ऐसे में पानी की छोटी-छोटी बचत भी आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बूंदी शहर में रूडिप की ओर से संचालित नई पेयजल वितरण परियोजना के कार्यों और आमजन को इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई। साथ ही नलों को अनावश्यक खुला नहीं छोड़ने, जरूरत के अनुसार पानी इस्तेमाल करने और दैनिक जीवन में जल संरक्षण की आदतें अपनाने पर जोर दिया गया।
कैप-आरयूआईडीपी के सचिन मुदगल ने पानी बचाने के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने कहा कि ब्रश करते समय नल बंद रखना, फर्श धोने के लिए पाइप के बजाय बाल्टी का इस्तेमाल करना, पानी के रिसाव को समय पर ठीक करवाना और बचे हुए पानी का उपयोग पौधों में करना जैसी छोटी आदतों से काफी पानी बचाया जा सकता है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे जल संरक्षण दूत बनकर परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी पानी बचाने के लिए प्रेरित करें।
विद्यालय के प्रधानाचार्य भगवत प्रसाद ने जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। ऐसे प्रयासों से बच्चों में पर्यावरण संरक्षण और पानी बचाने की जिम्मेदारी विकसित होती है।
कार्यक्रम में सोशल सैफगार्ड नरेश महावर, विद्यालय परिवार के अर्जुन सिंह, भावना कुमारी और नारायण प्रसाद तथा सोशल आउटरीच टीम की सदस्य बबीता जांगिड सहित शिक्षकगण और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
