बूंदी। महिला अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर, बूंदी की टीम ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले की एक लापता महिला को उसके परिवार से मिलाया। करीब आठ दिन से लापता महिला के परिजनों से पुनर्मिलन के दौरान माहौल भावुक हो गया। अपनी बेटी को सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
केंद्र प्रबंधक हीना शर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले गश्त के दौरान पुलिस को एक महिला सड़क पर लावारिस अवस्था में घूमती मिली थी। पुलिस महिला को सखी वन स्टॉप सेंटर लेकर पहुंची। महिला डरी-सहमी थी और अपने बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थी। ऐसे में सेंटर की ओर से उसे भावनात्मक सहयोग, आवश्यक सुविधाएं और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया गया।
काउंसलिंग से मिला परिवार का सुराग
केंद्र प्रबंधक हीना शर्मा और उनकी टीम ने महिला की लगातार काउंसलिंग की। बातचीत के दौरान महिला ने खुद को मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के समीप एक गांव का निवासी बताया। इस जानकारी के आधार पर टीम ने उसके परिवार का पता लगाने के प्रयास किए।
जांच-पड़ताल के बाद महिला के परिजनों से संपर्क हो सका। परिजनों ने बताया कि महिला पिछले करीब आठ दिनों से लापता थी और वे लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। सूचना मिलने पर परिजन बूंदी स्थित सखी सेंटर पहुंचे।
बेटी को सुरक्षित देखकर छलके खुशी के आंसू
सखी सेंटर में अपनी बेटी को सुरक्षित देखकर परिजन भावुक हो उठे। सेंटर की टीम के प्रयासों से महिला का परिवार से पुनर्मिलन संभव हो सका। इस दौरान परिजनों ने टीम के प्रति आभार जताया।
इस कार्य में केंद्र प्रबंधक हीना शर्मा, सामाजिक परामर्शदाता राजेश कुमारी, केस वर्कर तनुजा शर्मा और बहुउद्देशीय कर्मी शालू सेन सहित पूरी टीम का योगदान रहा।
सखी वन स्टॉप सेंटर की इस पहल ने जरूरतमंद महिलाओं को सहायता, सुरक्षा और परिवार से पुनर्मिलन कराने में संवेदनशील सहयोग की भूमिका को सामने रखा।
