नागरिक अभिव्यक्ति | बूंदी सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, घरेलू उपचार और अंधविश्वास के कारण अस्पताल पहुंचने में होने वाली देरी रोकने के लिए बूंदी जिले में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव ने संबंधित विभागों को अभियान को प्राथमिकता से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) रमेश देव ने बताया कि स्कूलों और कॉलेजों में प्रार्थना सभाओं, बाल सभाओं और कार्यशालाओं के जरिए विद्यार्थियों को सर्पदंश से बचाव की जानकारी दी जाएगी। इस काम में सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ युधिष्ठिर मीणा की सहायता ली जा सकती है, ताकि विद्यार्थी यह संदेश अपने परिवारों तक पहुंचाएं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता की रोजाना समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के लिए सर्पदंश के आपातकालीन उपचार पर प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित होंगे।
सांप निकलने की स्थिति में वन्यजीव और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय करने को कहा गया है। खेतों, झाड़ियों और कच्चे मकानों में काम करते समय बरती जाने वाली सावधानियों का प्रचार पोस्टर, पर्चे और सार्वजनिक उद्घोषणा के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए विकास अधिकारियों और नगर निकाय अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
