नागरिक अभिव्यक्ति @ बूंदी
महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण का साहित्य आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रासंगिक है। युवाओं को उनके साहित्य का अध्ययन कर राजस्थान की कला, संस्कृति और इतिहास को समझना चाहिए, ताकि ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ सके। यह बात भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटेक) चैप्टर बूंदी के संयोजक राजकुमार दाधीच ने कही। वे महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण जन्मोत्सव सप्ताह के छठे दिन नैनवां रोड स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित व्याख्यान माला एवं प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में साहित्य और सांस्कृतिक विरासत के महत्व पर चर्चा की गई। इंटेक चैप्टर के सहसंयोजक राजेंद्र भारद्वाज ने बताया कि प्रशिक्षणार्थियों के लिए विरासत, संस्कृति और कला विषयों पर प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना और ऐतिहासिक ज्ञान के प्रति रुचि विकसित करना था।
प्रश्नोत्तरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले गोपाल श्रृंगी, अंशिका, गौरव मेवाड़ा और शिवराज सैनी को इंटेक चैप्टर बूंदी की ओर से पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में आईटीआई के उपनिदेशक अजय कुमार जादौन सहित रणजीत, नंदकिशोर मीणा, अनु धाकड़, मनीष कुमार मीणा, बाबूलाल रेगर, शैलेश रावत, सुरेंद्र दाधीच, अनिता सैनी, कामिनी सुमन और शीनम शेख सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
