बूंदी। जिला अस्पताल के जनाना विंग में सिजेरियन डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने पर कोटा रेफर की गईं तीन प्रसूताओं में से दो की मौत हो गई। तीसरी प्रसूता का कोटा के जेके लोन अस्पताल में गंभीर हालत में उपचार जारी है। मृतकों के परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की है।
बड़ा नया गांव की कुमावतों की झोपड़ियां निवासी कविता कुमावत (25) की बुधवार को सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। पति भागचंद के अनुसार ऑपरेशन के बाद वार्ड में शिफ्ट करने पर अधिक रक्तस्राव हुआ। हालत बिगड़ने पर कोटा रेफर किया गया, जहां निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
सिलोर निवासी वर्षा सेन (28) की भी बुधवार को सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। पति हनुमान प्रसाद सेन ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के करीब दो घंटे बाद भी पेशाब नहीं आने की जानकारी चिकित्सक और कर्मचारियों को दी, लेकिन गंभीरता से नहीं लिया गया। हालत बिगड़ने पर वर्षा को कोटा रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
दबलाना निवासी जीनत को ऑपरेशन के बाद अधिक रक्तस्राव होने पर गुरुवार सुबह कोटा भेजा गया। जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने उनकी हालत गंभीर बताई है।
वर्षा के परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। उन्होंने संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई और परिवार को 50 लाख रुपए की सहायता देने की मांग की। सदर थाना पुलिस ने समझाइश की।
जिला अस्पताल के डिप्टी कंट्रोलर डॉ. गोविंद गुप्ता ने कहा कि जांच में इलाज के किसी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
