नागरिक अभिव्यक्ति @ बूंदी
जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने और गांवों में पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाने के लिए बूंदी के दो युवा अब ‘जलवायु प्रहरी’ की भूमिका निभाएंगे। जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में प्रदेशभर से चयनित 30 युवाओं में बूंदी के गोविंद प्रजापत और हरीश गुर्जर ने जगह बनाई है। दोनों युवा जिले में गांव-गांव पहुंचकर महिलाओं और बच्चों को जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करेंगे।
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) राजस्थान टीम एवं मेरा युवा भारत (माय भारत) राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में जयपुर में ‘जलवायु परिवर्तन का महिलाओं और बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विशेषज्ञों ने बताया कि बढ़ता तापमान, जल संकट और प्रदूषण महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, जीवन और भविष्य को विशेष रूप से प्रभावित कर रहे हैं। युवाओं को जलवायु न्याय, सतत विकास, स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता अभियान चलाने के तरीकों का प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यशाला में चयनित गोविंद प्रजापत और हरीश गुर्जर अब बूंदी जिले में जलवायु प्रहरी के रूप में जिम्मेदारी निभाएंगे। वे ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को जलवायु परिवर्तन के खतरों, पर्यावरण संरक्षण और उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देंगे।
इस चयन प्रक्रिया में माय भारत बूंदी टीम की भी अहम भूमिका रही। टीम ने युवाओं को आवेदन प्रक्रिया में सहयोग देने और राज्य स्तरीय मंच तक पहुंचाने के लिए आवश्यक समन्वय किया। दोनों युवाओं के चयन से जिले में पर्यावरण संरक्षण के अभियानों को युवा नेतृत्व मिलने की उम्मीद है।
