बूंदी, 14 सितंबर। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके नवाचारपूर्ण विचारों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) 2027 को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) रमेश देव ने की।
बैठक में कार्यक्रम की संपूर्ण प्रक्रिया, विभिन्न चरणों और युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। अतिरिक्त जिला कलक्टर रमेश देव ने कहा कि यह अभियान केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं की सोच, प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इसके जरिए युवा अपने विचार और नवाचारपूर्ण समाधान राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत कर सकते हैं। चयनित प्रतिभागियों को देश के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष अपने विचार रखने और प्रधानमंत्री से संवाद का अवसर भी मिल सकता है।
उन्होंने जिले के अधिकाधिक युवाओं से आधिकारिक रूप से पंजीकरण कराने का आह्वान किया। बैठक में पिछले वर्ष प्रधानमंत्री से संवाद कर चुके युवा शिक्षक दीपक शर्मा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कार्यक्रम की प्रक्रिया और आगामी चरणों को लेकर प्रतिभागियों को व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रभावी प्रस्तुतीकरण, सार्थक विचार और सकारात्मक सोच युवाओं को बड़े मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
माय भारत से जुड़े भूपेन्द्र योगी ने कार्यक्रम की प्रगति और अब तक की स्थिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने विकसित भारत क्विज के महत्व और इससे मिलने वाले अवसरों की जानकारी भी दी।
जिला समन्वयक एनएसएस आशुतोष बिरला ने पंजीकरण प्रक्रिया को गति देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए आवश्यक सुझाव दिए।
बैठक में राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य राहुल सक्सेना, माय भारत स्वयंसेवक रोहन गुर्जर, गोविंद प्रजापत एवं शिवराज गोचर सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा एनएसएस, एनसीसी और स्काउट के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
