बूंदी, 14 अक्टूबर। राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत बूंदी में पीड़ितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने के लिए बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की बैठक आयोजित की गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं प्राधिकरण अध्यक्ष अशोक कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित 9 प्रार्थना पत्रों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें से 8 प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए कुल 24 लाख 55 हजार रुपए की अवार्ड राशि मंजूर की गई।
पीड़ितों के पुनर्वास के लिए मिलेगी सहायता
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश परनामी ने बताया कि अपराध के कारण शारीरिक या मानसिक पीड़ा अथवा क्षति झेलने वाले पीड़ितों को समाज में पुनर्वास और सम्मान के साथ जीवनयापन करने में सहायता देने के उद्देश्य से प्रतिकर राशि स्वीकृत की जाती है। इस योजना के तहत पात्र पीड़ितों और उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है, ताकि वे अपराध के परिणामस्वरूप उत्पन्न कठिनाइयों से उबर सकें।
बैठक में लंबित प्रकरणों पर चर्चा के बाद 8 आवेदनों को स्वीकार कर प्रतिकर राशि के अवार्ड पारित किए गए।
इस निर्णय से संबंधित पात्र पीड़ितों और उनके आश्रितों को राहत मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
बैठक में न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संख्या-1 बूंदी के न्यायाधीश पंकज नरूका, पारिवारिक न्यायालय बूंदी के न्यायाधीश वीरेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकुर गुप्ता, जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव, जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा, अभिभाषक परिषद बूंदी के अध्यक्ष नारायण सिंह गौड़ तथा लोक अभियोजक भूपेंद्र सहाय सक्सेना उपस्थित रहे।
राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के माध्यम से अपराध से प्रभावित पात्र व्यक्तियों को आर्थिक सहायता देकर उनके पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन को सहारा देने का प्रयास किया जा रहा है।
