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बूंदी के वार्ड 52 का चुनाव न्यायालय में चुनौती, कांग्रेस प्रत्याशी ने मांगा पुनर्मतदान

कांग्रेस प्रत्याशी मनीषा मेवाड़ा ने जिला न्यायालय में दायर की चुनाव याचिका, प्रपत्र-4 में एससी दर्ज करने का दावा

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विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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बूंदी के वार्ड 52 का चुनाव न्यायालय में चुनौती, कांग्रेस प्रत्याशी ने मांगा पुनर्मतदान
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नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी

नगर परिषद बूंदी के वार्ड संख्या 52 के चुनाव को जिला न्यायालय में चुनौती दी गई है। कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी मनीषा मेवाड़ा ने चुनाव याचिका दायर कर नाम निर्देशन सूची में उनके जाति वर्ग को अनुसूचित जाति (एससी) दर्शाए जाने पर सवाल उठाए हैं। याचिका में चुनाव को अवैध घोषित कर दोबारा मतदान कराने तथा संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता मनीषा मेवाड़ा के अनुसार वार्ड संख्या 52 सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित था। उन्होंने और भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी संस्कृति जैन ने नामांकन पत्र में अपने वर्ग के कॉलम में सामान्य श्रेणी अंकित की थी। आरोप है कि रिटर्निंग अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी प्रपत्र-4 की नाम निर्देशन सूची में उनके नाम के सामने अनुसूचित जाति वर्ग दर्ज कर दिया गया, जबकि भाजपा प्रत्याशी के नाम के सामने सामान्य वर्ग ही लिखा था।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि वार्ड में सामान्य श्रेणी के मतदाताओं के बीच इस सूची को दिखाकर जातिगत आधार पर प्रचार किया गया। याचिकाकर्ता का दावा है कि मतदाताओं के सामने उन्हें आरक्षित वर्ग की प्रत्याशी बताकर वोट मांगने की अपील की गई, जिससे उनके चुनावी अधिकार प्रभावित हुए।

मनीषा मेवाड़ा ने याचिका में जिला निर्वाचन विभाग और भाजपा प्रत्याशी संस्कृति जैन को जिम्मेदार ठहराते हुए सूची में कथित गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुनील शर्मा ने न्यायालय में पैरवी की। मामले में न्यायालय का निर्णय सामने आना शेष है।

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विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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