कोटा। सीबीएसई 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए इम्प्रूवमेंट परीक्षा के आवेदन की प्रक्रिया 8 अक्टूबर से शुरू होगी। सीबीएसई की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार विद्यार्थी 24 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पिछले वर्ष इम्प्रूवमेंट आवेदन प्रक्रिया 9 सितंबर से शुरू हुई थी।
सीबीएसई की ओर से इस वर्ष पहली बार उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल तरीके से जांच की गई थी। इसके बाद परिणामों से असंतुष्ट विद्यार्थियों की ओर से रिचेकिंग के लिए बड़ी संख्या में आवेदन किए गए। ऐसे में इस वर्ष इम्प्रूवमेंट परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
पांचों विषयों में इम्प्रूवमेंट के लिए 1600 रुपए शुल्क
एलन करियर इंस्टीट्यूट के एजुकेशन एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि इम्प्रूवमेंट परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को सीबीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध प्राइवेट कैंडिडेट लॉगिन के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
उन्होंने बताया कि यदि कोई विद्यार्थी सभी पांचों विषयों में इम्प्रूवमेंट देना चाहता है तो उसे 1600 रुपए परीक्षा शुल्क जमा करना होगा। वहीं, एक या उससे अधिक विषयों में इम्प्रूवमेंट के लिए प्रति विषय 320 रुपए शुल्क निर्धारित है।
सीबीएसई के नोटिफिकेशन के अनुसार इम्प्रूवमेंट परीक्षा फरवरी, मार्च और अप्रैल 2027 में प्रस्तावित मुख्य परीक्षाओं के साथ आयोजित की जाएगी।
आईआईटी-एनआईटी प्रवेश के लिए बढ़ सकते हैं आवेदन
एजुकेशन एक्सपर्ट अमित आहूजा के अनुसार हर वर्ष जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड में शामिल होने वाले विद्यार्थियों में सीबीएसई बोर्ड के विद्यार्थियों की संख्या काफी अधिक रहती है। आईआईटी और एनआईटी में प्रवेश के लिए 12वीं के बोर्ड अंकों की पात्रता महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 से 2022 के दौरान बोर्ड अंकों की पात्रता में छूट दी गई थी। इसके बाद वर्ष 2023 से 12वीं में 75 प्रतिशत अंक या संबंधित श्रेणी के टॉप-20 पर्सेंटाइल की पात्रता फिर लागू की गई।
ऐसे विद्यार्थी जो निर्धारित बोर्ड पात्रता पूरी नहीं कर पाए हैं, उनके लिए इम्प्रूवमेंट परीक्षा महत्वपूर्ण हो सकती है।
एक्सपर्ट के अनुसार इसी वजह से वर्ष 2027 में आईआईटी-एनआईटी प्रवेश की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के बीच इम्प्रूवमेंट परीक्षा के आवेदन बढ़ने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी कुछ विद्यार्थी बोर्ड पात्रता को लेकर असमंजस में रहे और समय पर इम्प्रूवमेंट के लिए आवेदन नहीं कर पाए। बाद में जेईई मेन या जेईई एडवांस्ड में बेहतर रैंक आने के बावजूद बोर्ड पात्रता पूरी नहीं होने के कारण उन्हें आईआईटी-एनआईटी प्रवेश में परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में विद्यार्थियों को आवेदन की निर्धारित अवधि में प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
