कोटा। कोटा डेवलपमेंट फोरम (केडीएफ) की ओर से सदस्यों के लिए चंबल वोट सफारी का आयोजन किया गया। सफारी के दौरान दल ने चंबल नदी के प्राकृतिक सौंदर्य के साथ वन्यजीवों और जलजीवों का अवलोकन किया।
संस्था के पूर्व अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक यज्ञ दत्त हाड़ा तथा महासचिव कंचन ठाकुर ने बताया कि कोटा में प्रकृति का अनमोल खजाना मौजूद है और चंबल क्षेत्र में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। संस्था के अध्यक्ष डीएन नैनानी के नेतृत्व में छह सदस्यीय दल वन विभाग के सफारी स्थल, नाव घाट, पहुंचा। यहां वन विभाग की ओर से अन्य पर्यटकों के साथ दल का स्वागत किया गया। टूर ऑपरेटर बनवारी यादववंशी ने अपनी टीम के साथ सदस्यों का स्वागत किया।
डीएन नैनानी ने कहा कि केडीएफ पर्यटन विकास से जुड़े विजन डॉक्यूमेंट में अपने सुझाव भेजेगा। उन्होंने कहा कि चंबल में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ इन्हें पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सकता है।
सफारी के दौरान गोविंद कुमार शांडिल्य, भुवनेश शर्मा, आशा शर्मा, मेहमान सुखविंदर सिंह कपूर तथा स्काउट नव आदित्य ने चंबल के वन्यजीव, जलजीवन और प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से देखा। दल को सफारी के दौरान मगरमच्छ, बनबिलाव, उल्लू, चमगादड़ और गिद्ध कॉलोनी सहित विभिन्न वन्यजीव दिखाई दिए।
नौका विहार के दौरान दल के सदस्यों ने गड़रिया महादेव मंदिर की पूजा-अर्चना और आरती की ध्वनि भी सुनी। सफारी ने सदस्यों को चंबल नदी के प्राकृतिक और जैव विविधता से समृद्ध स्वरूप से परिचित कराया।
