नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
दावत-ए-इस्लामी इंडिया की ओर से 17 और 18 अक्टूबर को कैथून, कोटा में आयोजित दो दिवसीय इज्तिमा धार्मिक एवं आध्यात्मिक माहौल में संपन्न हुआ। इज्तिमा में कोटा संभाग सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोगों ने शिरकत की। आयोजन में उलमा-ए-किराम ने दीन-ए-इस्लाम की शिक्षाओं पर अमल करने, माता-पिता का सम्मान करने, जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में आपसी भाईचारे व सद्भाव को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
इज्तिमा के दौरान वक्ताओं ने माता-पिता की खिदमत, बुजुर्गों के सम्मान और परिवार में प्रेमपूर्ण व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता के साथ अदब और नरमी से पेश आना तथा उनकी जरूरतों का ख्याल रखना हर व्यक्ति की नैतिक और धार्मिक जिम्मेदारी है। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए अच्छे अखलाक अपनाने, गरीबों के प्रति हमदर्दी रखने और जरूरतमंदों की मदद करने की प्रेरणा दी गई।
कार्यक्रम में युवाओं को नेक रास्ते पर चलने, समय का सदुपयोग करने और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने शिक्षा, अच्छे संस्कार और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने के साथ नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने में परिवार की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
इज्तिमा के मीडिया प्रभारी अरशद अंसारी ने बताया कि समापन अवसर पर विशेष दुआ का आयोजन किया गया। इसमें देश में अमन-ओ-अमान, शांति और खुशहाली के साथ आपसी भाईचारे, मोहब्बत, एकता और सद्भाव बनाए रखने की दुआ मांगी गई। साथ ही मुल्क की तरक्की और पूरी दुनिया में इंसानियत एवं शांति का पैगाम आम होने की कामना की गई।
अरशद अंसारी ने बताया कि इज्तिमा का उद्देश्य लोगों को धार्मिक शिक्षाओं से जोड़ने के साथ अच्छे आचरण, सामाजिक जिम्मेदारियों और सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करना था। आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल हुए सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
