बूंदी। देई नगर पालिका क्षेत्र में करीब 10 करोड़ रुपए कीमत की जमीन पर किए जा रहे निर्माण को नगर पालिका प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए ध्वस्त कर दिया। विवादित भूखंड पर निर्माण को लेकर ग्रामीणों में पहले से आक्रोश था। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे।
नगर पालिका प्रशासन की ओर से निर्माणकर्ता को भूखंड से संबंधित दस्तावेज पेश करने के लिए नोटिस दिया गया था। निर्धारित तीन दिन की अवधि में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के बाद पालिका की टीम मौके पर पहुंची और निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
नोटिस के बाद भी नहीं दिए दस्तावेज
देई नगर पालिका के ईओ देवेंद्र कुमार जिंदल ने बताया कि विनोद जिंदल को विवादित भूखंड से संबंधित दस्तावेज पेश करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समय बीतने के बाद भी निर्माणकर्ता की ओर से दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए गए।
दस्तावेज नहीं मिलने और मौके पर ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए नगर पालिका की टीम ने निर्माण को अवैध मानते हुए कार्रवाई की।
पांच पटेलों की बैठक के बाद बढ़ा विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार, विवादित जमीन पर पिछले कई दिनों से निर्माण कार्य चल रहा था। मामले को लेकर गांव के पांच पटेलों की बैठक भी हुई थी। इसके बाद नगर पालिका ने निर्माण कार्य रुकवाने की कार्रवाई की, लेकिन जमीन को लेकर विवाद और ग्रामीणों का विरोध बढ़ता गया।
पट्टे को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद
मामला रामकिशन जिंदल के एक पट्टे से जुड़ा बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार तत्कालीन देई ग्राम पंचायत और रामकिशन जिंदल के बीच पट्टे को लेकर लंबे समय से न्यायालय में विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का दावा है कि इस मामले में ग्राम पंचायत दो बार केस जीत चुकी थी।
मांगीलाल से विनोद जिंदल तक पहुंचा कब्जा
स्थानीय जानकारी के अनुसार रामकिशन जिंदल ने अपने मित्र मांगीलाल से पट्टे का स्टॉक लगवाया था। बाद में मांगीलाल ने अपना कब्जा विनोद जिंदल को लाखों रुपए में बेच दिया। इसके बाद विवादित जमीन पर निर्माण शुरू किया गया।
निर्माण शुरू होने पर रामकिशन जिंदल और ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। विरोध बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
कार्रवाई के बाद लगाया 'भगवान के लिए आरक्षित' बोर्ड
नगर पालिका की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने विवादित जमीन पर 'भगवान के लिए आरक्षित' लिखा बोर्ड लगा दिया। कार्रवाई के दौरान देई नगर पालिका क्षेत्र में कुछ समय के लिए कामकाज भी प्रभावित रहा।
सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण नहीं होगा बर्दाश्त
ईओ देवेंद्र कुमार जिंदल ने कहा कि सरकारी और कीमती जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पालिका की ओर से भविष्य में भी अतिक्रमण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
