दीगोद। न्यायालय परिसर दीगोद में शनिवार को वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोटा के निर्देशानुसार आयोजित लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों, राजस्व विभाग, बैंक रिकवरी और बिजली विभाग से संबंधित मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया। लोक अदालत में कुल 3224 प्रकरणों का निपटारा करते हुए 37 लाख 67 हजार रुपए की सेटलमेंट राशि निर्धारित की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए अति मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीगोद रमेश कुमार कराडिया की अध्यक्षता में बेंच का गठन किया गया। इसमें उपखंड अधिकारी दीपक महावर, पैनल अधिवक्ता धनराज मण्डावत तथा अभियोजन अधिकारी लोकेश राठौर सदस्य के रूप में उपस्थित रहे।
लोक अदालत में नियमित फौजदारी, सिविल, एनआई एक्ट, घरेलू हिंसा सहित राजीनामा योग्य लंबित प्रकरणों की सुनवाई की गई। इसके साथ ही राजस्व न्यायालयों में लंबित सीमाज्ञान, पैमाइश, राजस्व अभिलेखों में सुधार, निषेधाज्ञा, घोषणा तथा रास्ते से जुड़े विवादों का भी पक्षकारों की आपसी सहमति से निस्तारण किया गया।
न्यायालय बेंच से 3168 प्रकरण निस्तारित
दीगोद न्यायालय बेंच के माध्यम से कुल 3168 न्यायिक प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में 12 लाख 86 हजार 500 रुपए की सेटलमेंट राशि निर्धारित की गई। वहीं, बैंक रिकवरी, प्री-लिटिगेशन और बिजली विभाग से संबंधित 56 प्रकरणों का निस्तारण हुआ, जिनमें 24 लाख 80 हजार 500 रुपए की सेटलमेंट राशि तय की गई।
इस प्रकार लोक अदालत में कुल 3224 प्रकरणों का निस्तारण हुआ और 37 लाख 67 हजार रुपए की सेटलमेंट राशि निर्धारित की गई। लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को आपसी सहमति से विवादों का समाधान उपलब्ध कराना तथा लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाना रहा।
