वन विभाग का प्राथमिक और सबसे महत्वपूर्ण दायित्व वन भूमि का संरक्षण करना है। कोटा संभाग में इस दिशा में धरातल पर कई बड़े बदलाव और ठोस कार्रवाइयां की जा रही हैं। इसके लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पहली बार खैर की लकड़ी के तस्करों को पकड़ने के लिए 'माइक्रो जीपीएस चिप' का सफल प्रयोग किया गया है। खैर की लकड़ी के लट्ठों के भीतर माइक्रो जीपीएस चिप छिपाकर तस्करों को लाइव ट्रैक कर रंगे हाथों दबोचा। इस साल 211 अवैध वाहन पकड़े। वन विभाग मानसून में बड़े पैमाने पर पौधारोपण के जरिए पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की एक नई इबारत लिख रहा है। मुख्य ध्येय भविष्य के नवाचारों और एक एकीकृत टूरिज्म सर्किट पर केंद्रित है। आने वाले समय में कोटा वीकेंड टूरिस्ट्स के लिए पहली पसंद बनेगा। हाल ही में मध्य प्रदेश से लाई गई बाघिन 'एमपी-7' को एनक्लोजर में रीवाइल्डिंग करने की प्रक्रिया जारी है और सफारी पर आने वाले पर्यटक लगातार हो रही साइटिंग से बेहद रोमांचित हैं। हमारा लक्ष्य एक ऐसा संपूर्ण टूरिज्म सर्किट तैयार करना है, जिसमें पर्यटक कोटा रिवर फ्रंट, सिटी पार्क, मुकुंदरा सफारी, अभेड़ा और रामगढ़ रिजर्व का एक साथ देख सकें। इसके साथ ही, कनवास में वेटलैंड बर्ड्स के लिए एक बेहतरीन बर्ड वाचिंग साइट विकसित हो रही है, जबकि वाइल्डलाइफ क्षेत्रों में 'स्टार गेजिंग' के जरिए नाइट टूरिज्म की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। भविष्य के नवाचारों की बात करें, तो पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए विभाग ने 'प्रे बेस एनक्लोजर' बनाने की शुरुआत की है, जिससे जंगलों में शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या तेजी से बढ़ेगी।
अतिक्रमण पर कड़ा प्रहार, अवैध खनन, कटान और आरा मशीनों पर कार्रवाई
संभाग में हमने हजारों हेक्टेयर भूमि को मुक्त कराया है। बारां में सर्वाधिक 4413.53 हेक्टेयर भूमि, झालावाड़ में 1300 हेक्टेयर भूमि, कोटा में 938 हेक्टेयर भूमि और बूंदी में करीब 500 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया। कोटा संभाग में अवैध खनन (जैसे बूंदी का डाबी क्षेत्र और कोटा का मंडाना नाला) और अवैध कटान एक बड़ी चुनौती रहे हैं। इस साल विभाग ने 211 वाहन पकड़े, जिनमें से 70 वाहनों को सीज कर जब्त किया। अवैध आरा मशीनों के खिलाफ इस साल बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है।
लेपर्ड की गणना पूरी, कैमरा ट्रेप जारी
राजस्थान में लेपर्ड गणना का काम लगभग पूरा हो चुका है। डेटा को संकलित और वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए भेजा गया है। वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा में स्थानीय जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। हमारी विलेज प्रोटेक्शन समितियां इसमें मुख्य भूमिका निभा रही हैं। जंगल में आग लगने, अवैध खनन या कटान की सूचना स्थानीय लोग फोन पर देते हैं। उनको पौधारोपण के कार्यों में रोजगार दिया जाता है, जिससे वे जंगलों के साथ एक जुड़ाव महसूस करते हैं।
