ADVERTISEMENT
ब्रेकिंग न्यूज़
• हाड़ौती अंचल: कोटा में नए रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के लिए 120 करोड़ का अतिरिक्त बजट स्वीकृत • चुनाव आयोग ने आगामी निकाय चुनाव हेतु वोटर लिस्ट अपडेशन की समय सीमा बढ़ाई • राजस्थान बोर्ड परीक्षा 2026 की समय सारिणी घोषित, शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी • टी20 वर्ल्ड कप: भारतीय टीम ने दूसरे मुकाबले में भी दर्ज की धमाकेदार जीत
नागरिक अभिव्यक्ति
होम / ताजा खबर / लेख विस्तार
ताजा खबर

समाज और सरकार के सहयोग से निरंतर प्रगति कर रहा घुमंतू समाज : दुर्गादास

घुमंतू समाज के 52 हजार परिवारों को दो वर्षों में आवास सुविधा देने का दावा, शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
अक्षर आकार:
समाज और सरकार के सहयोग से निरंतर प्रगति कर रहा घुमंतू समाज : दुर्गादास
समाज और सरकार के सहयोग से निरंतर प्रगति कर रहा घुमंतू समाज : दुर्गादास
ADVERTISEMENT
खबर शेयर करें:

कोटा। घुमंतू जाति उत्थान न्यास और सरकार के सहयोग से घुमंतू समाज निरंतर प्रगति की ओर बढ़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार के क्षेत्र में समाज को अवसर उपलब्ध कराने के साथ उसे मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं अखिल भारतीय घुमंतू कार्य प्रमुख दुर्गादास ने कोटा के रामशान्ताय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कही।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि राजस्थान सरकार घुमंतू समाज के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में घुमंतू समाज के करीब 52 हजार परिवारों को आवास सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य प्रत्येक घुमंतू परिवार को अपना आवास उपलब्ध कराना है।

कब्जा दिलाने और उनकी निशुल्क रजिस्ट्री की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं। इसके बाद इन भूखंडों पर प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि चित्तौड़ प्रांत घुमंतू कार्य संयोजक प्रभुलाल कालबेलिया ने बताया कि घुमंतू जाति उत्थान न्यास पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। न्यास द्वारा घुमंतू बस्तियों में बच्चों की शिक्षा एवं संस्कार के लिए 100 बाल संस्कार केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 16 छात्रावासों में करीब 550 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने बताया कि न्यास के कार्यक्रम सरकारी सहायता के बजाय जनसहयोग से संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्य वक्ता दुर्गादास ने कहा कि घुमंतू समाज का इतिहास शौर्य, देशभक्ति और सामाजिक योगदान से समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काल में कुछ घुमंतू जातियों को कानून बनाकर अपराधी घोषित किया गया था। स्वतंत्र भारत में यह कानून समाप्त होने के बावजूद इन समुदायों की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में अपेक्षित बदलाव नहीं आया। उन्होंने कहा कि इसके लिए घुमंतू समाज के इतिहास को पढ़ने-पढ़ाने, प्रशासनिक संवेदनशीलता बढ़ाने तथा रोजगार और आवास के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत अब तक करीब दो लाख दस्तावेज तैयार किए गए हैं, जिससे घुमंतू समाज के लोगों को पहचान दिलाने में मदद मिली है।

कार्यक्रम की शुरुआत माता की अर्चना और दीप प्रज्वलन से हुई। गोविंद गुरु छात्रावास के विद्यार्थियों ने लोक संस्कृति से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का संचालन महावीर साहू ने किया, जबकि आभार छीतर लाल ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विमल कुमार जैन, गणपत लाल शर्मा, अरविंद गोयल, संतोष यादव, भूपेंद्र जैन, घासीलाल लोहार, पन्नालाल शर्मा, नरेंद्र कंसुरिया, अजय, सत्यनारायण यादव, श्याम नागर सहित घुमंतू जाति उत्थान न्यास और संघ के विभिन्न पदाधिकारी मौजूद रहे।

ADVERTISEMENT
लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

comment पाठकों की प्रतिक्रिया (Comments)

अपनी राय दर्ज करें: