नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
सुल्तानपुर। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन और संकटग्रस्त जलीय जीवों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश SMWP (Civil) No. 2 of 2026 की पालना में गठित संयुक्त टीम ने निमोदा, छिपड़दा और नदी किनारे के क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया। संभावित खनन स्थलों पर पैदल पेट्रोलिंग भी की गई। हालांकि, निरीक्षण के दौरान मौके पर अवैध खनन नहीं मिला।
जिला कलक्टर के निर्देश पर गठित दल ने खनन सामग्री के परिवहन में इस्तेमाल किए जा सकने वाले संभावित रास्तों की भी जांच की। प्रशासन ने इन रास्तों पर खाइयां खुदवाकर आवागमन बाधित कराया, ताकि अवैध खनन सामग्री के परिवहन पर अंकुश लगाया जा सके।
कार्रवाई के दौरान उपखंड अधिकारी दीगोद दीपक महावर, डीवाईएसपी कोटा ग्रामीण अरुण शर्मा, चंबल घड़ियाल रेंजर दुर्गेश, दीगोद थानाधिकारी कृष्णावतार शर्मा, खनन विभाग की प्रीति सिंह और जिला परिवहन निरीक्षक देवेंद्र जोशी सहित पटवारी, आईएलआर एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
उपखंड अधिकारी दीपक महावर ने अधिकारियों को अभयारण्य क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखने और अवैध खनन की सूचना मिलने पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य चंबल नदी के पारिस्थितिकी तंत्र और संकटग्रस्त जलीय वन्यजीवों की रक्षा के साथ अवैध खनन एवं परिवहन पर रोक लगाना है।
