नागरिक अभिव्यक्ति । खेल डेस्क
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लंबे समय से कप्तान रहीं हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। यह निर्णय गुवाहाटी में हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के एक दिन बाद आया, जिसमें बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया, उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार के साथ हरमनप्रीत भी शामिल थीं।
37 वर्षीय हरमनप्रीत ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई और अब बिना कप्तानी के दबाव के क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कप्तानी छोड़ने के बावजूद उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सफर जारी रहेगा।
हरमनप्रीत की कप्तानी का सबसे बड़ा अध्याय 2025 का महिला वनडे विश्व कप रहा। उनकी अगुआई में भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहली बार 50 ओवर का महिला विश्व कप जीता। इस उपलब्धि के साथ हरमनप्रीत विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं।
कप्तानी के दौरान हरमनप्रीत ने भारत को एशिया कप और एशियन गेम्स में भी खिताब दिलाए। 2026 में भारत ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार महिला क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा उनकी कप्तानी में टीम ने कई बड़े विदेशी मुकाबलों में भी महत्वपूर्ण जीत दर्ज कीं।
हरमनप्रीत का नाम महिला क्रिकेट के कई ऐतिहासिक रिकॉर्डों के साथ जुड़ा है। 2017 के विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में उनकी 171 रन की नाबाद पारी आज भी विश्व कप की यादगार पारियों में गिनी जाती है। 2018 में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया और वह इस प्रारूप में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
फरवरी 2026 में हरमनप्रीत महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली खिलाड़ी बनी थीं। उस समय उन्होंने 356 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे कर न्यूजीलैंड की सुजी बेट्स को पीछे छोड़ा था। आईसीसी के अनुसार तब तक उनके नाम 6 टेस्ट, 161 वनडे और 189 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच थे।
सितंबर 2026 में उन्होंने एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाया। पाकिस्तान के खिलाफ महिला एशिया कप मुकाबले में उतरते ही वह पुरुष और महिला क्रिकेट मिलाकर 150 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी करने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनीं।
हरमनप्रीत को 2017 में क्रिकेट के लिए अर्जुन पुरस्कार मिला था। 2026 के पद्म पुरस्कारों की आधिकारिक सूची में उन्हें खेल के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
हरमनप्रीत ने 2009 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उनके नेतृत्व में भारतीय महिला क्रिकेट ने एक लंबे संक्रमणकाल से गुजरते हुए विश्व कप जीत तक का सफर तय किया। अब कप्तानी की जिम्मेदारी से अलग होकर वह बतौर खिलाड़ी टीम में योगदान देने पर ध्यान देंगी।
हरमनप्रीत के हटने के बाद अगला सवाल भारतीय महिला टीम के नए कप्तान को लेकर है। उपकप्तान स्मृति मंधाना का नाम संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर सामने आ रहा है, हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस संबंध में अंतिम फैसला बीसीसीआई की ओर से किया जाना बाकी है।
