नागरिक अभिव्यक्ति | बूंदी। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 2026 के अवसर पर उमंग संस्थान, बूंदी की ओर से आयोजित ‘इनोवेटिव टच : बालिकाओं के 5 मौलिक अधिकार’ विषयक एआई-जनरेटेड डिजिटल आर्ट एवं इन्फोग्राफिक प्रतियोगिता के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। प्रतियोगिता में चार राज्यों के 54 प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपनी रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और बालिका अधिकारों के प्रति जागरूकता का परिचय दिया।
प्रतियोगिता की संयोजक अनुराधा जैन ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आधुनिक तकनीक और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डिजिटल कला और इन्फोग्राफिक के जरिए सामाजिक विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इस आयोजन ने संदेश दिया कि एआई तकनीक केवल डिजिटल रचनाएं बनाने का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव और जनजागरूकता को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम भी बन सकती है।
बालिका सशक्तिकरण में एआई और डिजिटल आर्ट की भूमिका
उमंग संस्थान की अध्यक्ष डॉ. सविता लौरी ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल आर्ट जैसे आधुनिक माध्यम सामाजिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बालिकाओं के अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को नए और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। ऐसी पहल युवाओं की तकनीकी समझ के साथ उनकी सामाजिक जिम्मेदारी को भी मजबूत करती हैं।
सीनियर वर्ग में राकेश, जूनियर वर्ग में सुहाना अव्वल
प्रतियोगिता प्रभारी वरिंदर कौर सरना ने बताया कि सीनियर वर्ग में बूंदी के राकेश कुमार मीणा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सवाई माधोपुर की हर्षिता प्रजापति द्वितीय और साउथ दिल्ली के शैलेन्द्र कुमार तृतीय स्थान पर रहे।
इसी प्रकार जूनियर वर्ग में बूंदी की सुहाना हाडा ने प्रथम स्थान हासिल किया। बूंदी के अनय जैन द्वितीय तथा चित्तौड़गढ़ की अनिका माहेश्वरी तृतीय स्थान पर रहीं। दोनों वर्गों में प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों के माध्यम से बालिकाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण से जुड़े विषयों को रचनात्मक रूप में सामने लाया गया।
विशेषज्ञ निर्णायकों ने किया मूल्यांकन
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनी भारतीय, असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष श्रृंगी और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सतीश शर्मा शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रविष्टियों का मूल्यांकन रचनात्मक मौलिकता, विषय की समझ, डिजिटल प्रस्तुति और संदेश की प्रभावशीलता जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर किया।
प्रतियोगिता संयोजक अनुराधा जैन और प्रभारी वरिंदर कौर सरना ने चार राज्यों से मिली उत्साहजनक भागीदारी के लिए सभी प्रतिभागियों और निर्णायक मंडल का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर संस्थान के उपाध्यक्ष लोकेश जैन, समन्वयक कृष्ण कांत राठौर, कुश जिंदल, गुरमीत सिंह, पुरुषोत्तम दाधीच, आतिश वर्मा, जम्बू कुमार जैन, सुरेंद्र छाबड़ा, जया जैन, संगीता जैन और महावीर सोनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
