नागरिक अभिव्यक्ति । सुल्तानपुर
विश्व आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस और आयोडीन सप्ताह के तहत सुल्तानपुर ब्लॉक के चिकित्सा संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाया गया। चिकित्सा अधिकारियों ने आमजन को आयोडीन के महत्व, आयोडीन युक्त नमक के नियमित उपयोग तथा इसकी कमी और अधिकता से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। अभियान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र नागर और जिला नोडल अधिकारी कोटपा अमित शर्मा के पर्यवेक्षण में संचालित किया गया।
ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश सामर ने बताया कि आयोडीन शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व है। इसकी कमी से घेंघा रोग, बच्चों के मस्तिष्क और शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव तथा बौद्धिक क्षमता प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान आयोडीन की कमी होने पर शिशु के विकास पर भी असर पड़ सकता है।
डॉ. सामर ने आमजन से आयोडीन युक्त नमक का नियमित सेवन करने की अपील की। उन्होंने बताया कि नमक को नमी से बचाकर बंद डिब्बे में रखना चाहिए और भोजन पकने के अंतिम चरण में डालना चाहिए, ताकि आयोडीन की हानि कम हो। उन्होंने यह भी कहा कि आयोडीन की कमी से बचाव के साथ इसकी अनावश्यक अधिकता से बचना भी जरूरी है। अभियान के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में लोगों को जागरूक किया गया।
