इटावा। जैन समाज के दसलक्षण पर्व का तीसरा दिन उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया गया। मंदिर में अभिषेक, शांतिधारा और पूजा-अर्चना सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत के मोक्ष निर्वाण दिवस पर आज सुबह 10.30 बजे निर्वाण लड्डू चढ़ाया जाएगा।
श्रमण ज्ञान भारती संस्था, मथुरा से आए विद्वान अनिल जैन शास्त्री ने प्रवचन में कहा कि मन, वचन और काया में सरलता एवं निष्कपट भाव रखना ही उत्तम आर्जव धर्म है। जीवन से छल, कपट और धोखे को दूर कर विचार, वाणी और आचरण में समानता लानी चाहिए। जैसा सोचें, वैसा ही बोलें और वैसा ही आचरण करें।
उन्होंने कहा कि अहंकार और मोह मन की कुटिलता के प्रमुख कारण हैं। दिखावे और छल-कपट से कुछ समय के लिए सुख मिल सकता है, लेकिन अंततः यह दुख का कारण बनता है। सरल और सहज स्वभाव ही आत्मिक शांति तथा मोक्ष का मार्ग है।
मंदिर में सुबह सात बजे भगवान का अभिषेक और शांतिधारा हुई। इसके बाद दसलक्षण पर्व की पूजा-अर्चना की गई। शाम को बच्चों की पाठशाला, महाआरती और रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। समाज के कोषाध्यक्ष पीयूष जैन ने निर्वाण लड्डू अर्पित करने के कार्यक्रम की जानकारी दी।
इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष नवनीत जैन, महामंत्री मनोज जैन, सांस्कृतिक मंत्री ऋषभ जैन, संरक्षक चेतन पाटनी, बाहुबली जैन, अरुण जैन, मुन्नालाल पाटोदी, मदनमोहन जैन, मूलचंद जैन, हरिप्रकाश जैन, देवेंद्र जैन, अमोलक जैन, रिंकू जैन सीनोता और जितेंद्र जैन सहित समाजजन मौजूद रहे।
