इटावा | नागरिक अभिव्यक्ति। इटावा पंचायत समिति चुनाव में टिकट वितरण के बाद भाजपा में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। पार्टी में निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए पूर्व प्रधान बाबूलाल बैरवा और अयाना भाजपा मंडल अध्यक्ष भीमराज बैरवा ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम से क्षेत्र में भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
टिकट वितरण में मनमानी का लगाया आरोप
पूर्व प्रधान बाबूलाल बैरवा और मंडल अध्यक्ष भीमराज बैरवा ने आरोप लगाया कि टिकट वितरण में पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई है। उनका कहना है कि ऐसे लोगों को टिकट दिया गया है, जिनका पार्टी की विचारधारा और संगठन के प्रति समर्पण स्पष्ट नहीं है। नेताओं ने टिकट वितरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे मनमाना निर्णय बताया।
कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं बाबूलाल बैरवा
पूर्व प्रधान बाबूलाल बैरवा ने कहा कि वह लंबे समय से भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता रहे हैं। वह प्रधान के साथ जिला परिषद सदस्य और जिला उपाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इसके बावजूद टिकट वितरण में उनकी और उनके समर्थकों की अनदेखी की गई।
बैरवा ने आरोप लगाया कि टिकट वितरण में कुछ लोगों की मनमानी के कारण पार्टी को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की राय और संगठन के प्रति उनके योगदान को उचित महत्व नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई।
प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित
इटावा पंचायत समिति में इस बार प्रधान पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। ऐसे में पंचायत समिति चुनाव के टिकट वितरण को लेकर भाजपा में उभरी नाराजगी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पूर्व प्रधान बाबूलाल बैरवा और मंडल अध्यक्ष भीमराज बैरवा के इस्तीफे के बाद अब यह देखना अहम होगा कि पार्टी नेतृत्व इस असंतोष को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है। फिलहाल, टिकट वितरण को लेकर नेताओं की नाराजगी सामने आने से चुनावी माहौल में हलचल बढ़ गई है।
