इटावा। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में धाकड़ समाज की जनसंख्या कम दर्शाए जाने के विरोध में बुधवार को धाकड़ युवा शक्ति के आह्वान पर समाज के लोगों ने इटावा में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ट्रैक्टर, कार और बाइक के साथ समाज के लोग एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने की मांग की। एसडीएम के कार्यालय में मौजूद नहीं मिलने पर प्रदर्शनकारी नाराज हो गए और उन्होंने कोटा-श्योपुर स्टेट हाईवे-70 सहित इटावा क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर जाम लगा दिया।
जानकारी के अनुसार, धाकड़ समाज की ओर से सूखनी नदी से ट्रैक्टर रैली निकाली गई। रैली में करीब 500 से अधिक ट्रैक्टर के साथ बड़ी संख्या में कार और बाइक शामिल रही। रैली के बाद दोपहर करीब 3 बजे समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपने की मांग की। उस समय एसडीएम दामोदर सिंह सरकारी कार्य से कोटा गए हुए थे।
एसडीएम के कार्यालय में नहीं मिलने पर समाज के लोग नाराज हो गए और मौके पर ही एसडीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। कार्यालय में मौजूद तहसीलदार पीपल्दा **दीपक राय सक्सेना** ने ज्ञापन लेने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी एसडीएम को ही ज्ञापन देने की मांग पर कायम रहे। इसके बाद समाज के लोगों ने इटावा नगर की प्रमुख सड़कों के साथ कोटा-श्योपुर स्टेट हाईवे-70 पर **सूखनी नदी पुल के पास ट्रैक्टर खड़े कर जाम लगा दिया।**
दो घंटे तक जाम, सैकड़ों वाहन फंसे
हाईवे पर ट्रैक्टर खड़े होने से दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। करीब दो घंटे तक जाम के हालात बने रहे और सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। जाम की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने स्थिति को संभालने के प्रयास शुरू किए।
इसके बाद एसडीएम दामोदर सिंह कोटा से इटावा पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे समाज के लोगों के बीच जाकर उनकी बात सुनी। एसडीएम ने समाज की ओर से सौंपा गया ज्ञापन लिया और उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोल दिया।
जाम खुलने के बाद कोटा-श्योपुर स्टेट हाईवे-70 पर यातायात व्यवस्था फिर से बहाल हो गई। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन और जाम के दौरान प्रशासन एवं पुलिस की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई।
प्रदर्शन के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष निर्मला नागर, मुकेश कुदालिया, गिरिराज धाकड़ फौजी बड़ौद, महावीर नागर, सीताराम नागर, चेतन नागर भोपालगंज, नेमीचंद नागर सहित धाकड़ समाज के सैकड़ों
लोग मौजूद रहे।
