इटावा। इटावा नगरपालिका में बोर्ड गठन को लेकर अंतिम समय तक कांग्रेस अपना बोर्ड बनने को लेकर आश्वस्त नजर आ रही थी, लेकिन मतदान के बाद सामने आए नतीजों ने पूरे समीकरण बदल दिए। भाजपा ने नगरपालिका में तीसरी बार बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की, जबकि कांग्रेस के हाथ से एक बार फिर पालिका की सत्ता फिसल गई।
बताया जा रहा है कि मतदान से पहले कांग्रेस अपने पक्ष में पर्याप्त समर्थन होने को लेकर आश्वस्त थी। कांग्रेस के कुल 17 पार्षद, जिनमें एक निर्दलीय पार्षद भी शामिल था, मतदान के लिए पहुंचे थे। कांग्रेस को एक अन्य निर्दलीय पार्षद के समर्थन की भी उम्मीद थी।
वहीं, मतदान के दौरान एक निर्दलीय पार्षद ने सुबह ही अकेले पहुंचकर अपने मत का प्रयोग किया। इसके बाद भाजपा के 14 पार्षदों के साथ भाजपा प्रत्याशी सहित कुल 15 लोग मतदान के लिए पहुंचे। दो निर्दलीय पार्षद भी मतदान के लिए पहुंचे।
क्रॉस वोटिंग ने बिगाड़ा समीकरण?
मतदान के बाद कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के तीन पार्षदों के वोट भाजपा के पक्ष में जाने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, एक अन्य निर्दलीय पार्षद के कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के संकेत भी सामने आने की बात कही जा रही है।
सूत्रों के अनुसार मतदान के बाद भाजपा को 20 और कांग्रेस को 15 मत मिले। हालांकि, क्रॉस वोटिंग को लेकर सामने आ रही चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की ओर से नहीं की गई है।
कांग्रेस में मचा घमासान
नतीजे सामने आने के बाद कांग्रेस खेमे में क्रॉस वोटिंग को लेकर घमासान शुरू हो गया। पार्टी के भीतर अब उन पार्षदों को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जिन पर कथित तौर पर पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ मतदान करने का संदेह जताया जा रहा है।
भाजपा की जीत के साथ इटावा पालिका में लगातार तीसरी बार भाजपा का बोर्ड बनने का रास्ता साफ हो गया, जबकि कांग्रेस एक बार फिर सत्ता हासिल करने से चूक गई।
