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झालावाड़ साइबर थाने को मिला नया भवन, खंडिया तालाब के पास से होगा संचालन

आधुनिक तकनीकी संसाधनों और साइबर टूल्स से लैस नए भवन में होगी जांच; पुलिस ने साइबर ठगी से बचने की अपील की

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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झालावाड़ साइबर थाने को मिला नया भवन, खंडिया तालाब के पास से होगा संचालन
झालावाड़ साइबर थाने को मिला नया भवन, खंडिया तालाब के पास से होगा संचालन
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झालावाड़। आमजन की साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान और तकनीकी अनुसंधान को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से झालावाड़ साइबर पुलिस थाने को नए भवन में स्थानांतरित किया गया है। अब साइबर थाना श्री द्वारकेश विला कॉलोनी, समर्पण हॉस्पिटल के पीछे, खंडिया तालाब के पास स्थित नए भवन से संचालित होगा। इससे पहले थाना गढ़ परिसर झालावाड़ से संचालित हो रहा था।

नए भवन का शुक्रवार से संचालन शुरू हुआ। पुलिस अधीक्षक ने भवन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा, साइबर थाने की पुलिस उपाधीक्षक रश्मि बाई, पुलिस निरीक्षक विष्णु सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी और तकनीकी स्टाफ मौजूद रहे।

अनुसंधान कक्ष और कंप्यूटर लैब का किया निरीक्षण

पुलिस अधीक्षक ने नए भवन में अनुसंधान कक्ष, कंप्यूटर लैब, रिकॉर्ड रूम और आगंतुक कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को साइबर अपराध से संबंधित परिवादों का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ निस्तारण करने के निर्देश दिए।

नए भवन में आधुनिक तकनीकी संसाधनों के साथ प्रशिक्षित जांच अधिकारियों और उन्नत साइबर टूल्स की व्यवस्था की गई है। इससे ऑनलाइन ठगी, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, पहचान की चोरी, डिजिटल धोखाधड़ी सहित अन्य साइबर अपराधों की जांच और खुलासे में तेजी आने की उम्मीद है।

शिकायतकर्ताओं को भी मिलेगी सुविधा

नए भवन में साइबर अपराध पीड़ितों और शिकायतकर्ताओं के लिए भी बेहतर व्यवस्था की गई है। यहां लोगों को शिकायत दर्ज कराने और पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने में पहले की अपेक्षा अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।

साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल

पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों से साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन या पासवर्ड साझा नहीं करें।

लॉटरी, रिवॉर्ड पॉइंट, KYC अपडेट, बिजली बिल भुगतान और पार्ट-टाइम नौकरी के नाम पर भेजे जाने वाले संदिग्ध मैसेज और लिंक पर क्लिक करने से भी बचने की अपील की गई है।

पुलिस के अनुसार, साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करना चाहिए या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की राशि को फ्रीज कराने की कार्रवाई में मदद मिल सकती है।

बैंक खाता और सिम कार्ड किराए पर देने से बचें

पुलिस ने लोगों को साइबर अपराधी गिरोहों से भी सावधान किया है। ऐसे गिरोह कई बार मामूली रकम का लालच देकर लोगों के बैंक खाते या सिम कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। बाद में इन खातों में साइबर ठगी की रकम आने पर खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकता है।

पुलिस ने अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, सिम कार्ड या व्यक्तिगत दस्तावेज इस्तेमाल करने के लिए न दें। यदि कोई व्यक्ति बैंक खाता या सिम कार्ड मांगता है तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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