नागरिक अभिव्यक्ति | झालावाड़। राजस्थान पुलिस महानिदेशक और कोटा रेंज के महानिरीक्षक के निर्देश पर झालावाड़ जिले में 11 अक्टूबर 2026 को अपराधियों की धरपकड़ के लिए एक दिवसीय विशेष एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया गया। पुलिस के जारी विवरण के अनुसार, जिले के 27 थाना क्षेत्रों में 72 पुलिस टीमों ने सघन तलाशी और घेराबंदी की कार्रवाई की। अभियान में वांछित अपराधियों, हार्डकोर अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और वारंटियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
अभियान का उद्देश्य जिले में सक्रिय हार्डकोर अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों, मादक पदार्थ तस्करों, फायरिंग एवं आर्म्स एक्ट के मामलों में आरोपियों, संपत्ति संबंधी अपराधियों, स्थायी वारंटियों और विभिन्न प्रकरणों में वांछित अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना था।
पहले से तैयार की गई रणनीति
अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और समस्त वृत्ताधिकारियों के सुपरविजन में सभी थाना क्षेत्रों में अपराधियों की सूची तैयार कर रणनीतिक कार्ययोजना बनाई गई थी। सुबह से ही पुलिस की विभिन्न टीमों ने संदिग्ध बस्तियों और अपराधियों के छिपने के संभावित ठिकानों की घेराबंदी कर एक साथ दबिश देने की कार्रवाई शुरू की।
निरोधात्मक कार्रवाई और वारंटियों की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई। कोतवाली, सदर, खानपुर, पनवाड़, सारोला, मंडावर, असनावर, जावर और कामखेड़ा सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की गई।
पुलिस विवरण के मुताबिक, इस कार्रवाई में 7 व्यक्तियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी का उल्लेख है। इसके अतिरिक्त पनवाड़ और जावर थाना पुलिस ने 12 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया। वहीं, कोतवाली, सदर झालावाड़, असनावर और भवानीमंडी थाना पुलिस ने 6 गिरफ्तारी वारंटियों को गिरफ्तार किया।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस का कहना है कि आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय स्थापित करने के उद्देश्य से इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। जिले में सक्रिय अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
