बूंदी। जोधपुर में दिसंबर माह में आयोजित होने वाले जोधपुर बाल महोत्सव का पोस्टर बूंदी जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने जारी किया। राजस्थान के 12 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों एवं युवाओं के लिए आयोजित होने वाला यह महोत्सव रचनात्मक अभिव्यक्ति के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक विरासत और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने का मंच बनेगा।
पोस्टर जारी करते हुए जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने कहा कि बच्चों के लिए इस तरह के आयोजन उनकी रचनात्मकता को विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अपने प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस पहल को बच्चों के लिए उपयोगी अवसर बताया।
महोत्सव में राजस्थान के सभी जिलों के बच्चे भाग ले सकेंगे। डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा ने बताया कि प्रतिभागियों से किसी प्रकार का पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चे इस आयोजन से जुड़ सकें।
आयोजन के तहत राजस्थान के सभी 41 जिलों की झांकियां बच्चों द्वारा तैयार की जाएंगी। इन झांकियों के माध्यम से बच्चे अपने-अपने जिले की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक परंपराएं, लोककलाएं, पर्यटन स्थलों और स्थानीय विशेषताओं को प्रस्तुत करेंगे।
आयोजन समिति का मानना है कि इससे बच्चों को अपने जिले और प्रदेश को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
फ्यूचर सोसायटी के अध्यक्ष सुशिल शर्मा ने बताया कि बाल महोत्सव को लेकर अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों में भी उत्साह है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की रचनात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सहभागिता को भी प्रोत्साहित करना है।
आयोजन के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को कॉग्निवेरा के सीईओ कमलेश शर्मा की ओर से स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। आयोजकों के अनुसार यह महोत्सव Gen Z और Alpha Generation के बच्चों को नई सोच, नई दिशा और अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
