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कालदां माता मंदिर के पास बाघिन का मूवमेंट, करवा चौथ पर दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालु रहें सतर्क

तिल चौथ के बाद अब करवा चौथ पर भी मंदिर के आसपास बाघिन की मौजूदगी की सूचना, संभावित रास्तों पर वनकर्मियों की गश्त और मॉनिटरिंग बढ़ाई

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कालदां माता मंदिर के पास बाघिन का मूवमेंट, करवा चौथ पर दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालु रहें सतर्क
कालदां माता मंदिर के पास बाघिन का मूवमेंट, करवा चौथ पर दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालु रहें सतर्क
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नागरिक अभिव्यक्ति @ बूंदी

करवा चौथ पर कालदां चौथ माता के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बार विशेष सतर्कता बरतनी होगी। रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व के कालदां बफर जोन में मंदिर के आसपास बाघिन की मौजूदगी की सूचना के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए विभाग ने हिंडोली रेंज के डाटूंदा माताजी वाले रास्ते से ही मंदिर तक जाने की सलाह दी है। गुढ़ा-नीम का खेड़ा क्षेत्र सहित अन्य पगडंडियों और जंगल के दुर्गम रास्तों से आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसी मार्ग का उपयोग करने के लिए कहा गया है।

वन विभाग के अनुसार, पहाड़ी की चोटी पर स्थित कालदां माता मंदिर के आसपास बाघिन की गतिविधियों को देखते हुए संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई है। उपवन संरक्षक आलोक नाथ गुप्ता के निर्देशन में बाघिन की मॉनिटरिंग कर रहे सहायक वन संरक्षक सुनील धाबाई ने हिंडोली और बूंदी रेंज के वनकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सभी संभावित रास्तों पर गश्त करने के साथ मंदिर के आसपास मॉनिटरिंग टीम को भी तैनात रहने को कहा गया है, ताकि श्रद्धालु बाघिन की मौजूदगी वाले जंगल और दुर्गम नालों की तरफ न जाएं।

वन विभाग ने श्रद्धालुओं को समूह में आने-जाने की सलाह दी है। साथ ही शाम 5 बजे तक सभी लोगों को जंगल से बाहर निकलने की हिदायत दी गई है। तिल चौथ के बाद करवा चौथ पर भी बाघिन की मौजूदगी की सूचना ने वन विभाग की चिंता बढ़ाई है।

मंदिर परिसर में सहभोज करने, डीजे बजाने, मांस-मदिरा का सेवन करने, गंदगी फैलाने और अनावश्यक शोरगुल करने पर भी प्रतिबंध रहेगा। वन विभाग का जोर है कि श्रद्धालु निर्धारित रास्ते का ही इस्तेमाल करें और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।

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विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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