ADVERTISEMENT
ब्रेकिंग न्यूज़
• हाड़ौती अंचल: कोटा में नए रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के लिए 120 करोड़ का अतिरिक्त बजट स्वीकृत • चुनाव आयोग ने आगामी निकाय चुनाव हेतु वोटर लिस्ट अपडेशन की समय सीमा बढ़ाई • राजस्थान बोर्ड परीक्षा 2026 की समय सारिणी घोषित, शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी • टी20 वर्ल्ड कप: भारतीय टीम ने दूसरे मुकाबले में भी दर्ज की धमाकेदार जीत
नागरिक अभिव्यक्ति
होम / खास खबर / लेख विस्तार
खास खबर

परिजनों की स्मृति में स्कूल का कायाकल्प करेंगे शिक्षक प्रकाश जायसवाल

केशवपुरा स्कूल में बाल वाटिका, नर्सरी, किचन गार्डन और स्काउट-गाइड कैंप साइट विकसित करने की योजना

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
अक्षर आकार:
परिजनों की स्मृति में स्कूल का कायाकल्प करेंगे शिक्षक प्रकाश जायसवाल
परिजनों की स्मृति में स्कूल का कायाकल्प करेंगे शिक्षक प्रकाश जायसवाल
ADVERTISEMENT
खबर शेयर करें:

नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा

कोटा। परिजनों की स्मृतियों को संजोने की पहल अब विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का माध्यम बनेगी। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आवासन मंडल केशवपुरा के शिक्षक प्रकाश जायसवाल ने विद्यालय के सौंदर्यीकरण और बहुआयामी विकास का संकल्प लिया है। योजना के तहत स्कूल परिसर में बाल वाटिका, नर्सरी, किचन गार्डन, स्काउट-गाइड कैंप साइट और स्मृति द्वार विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विद्यालय को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के साथ विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, श्रम के प्रति सम्मान और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है।

योजना के तहत छोटे बच्चों के बौद्धिक और रचनात्मक विकास के लिए बाल वाटिका तैयार की जाएगी। स्काउट-गाइड गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विशेष कैंप साइट के साथ ‘स्वावलंबन की ठौर’ विकसित करने की भी योजना है। इससे विद्यार्थियों को अनुशासन, नेतृत्व, सेवा भावना और आत्मनिर्भरता से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

परिसर में हरियाली बढ़ाने के लिए नर्सरी और किचन गार्डन तैयार किए जाएंगे। किचन गार्डन के माध्यम से विद्यार्थियों को जैविक खेती, मौसमी सब्जियों, औषधीय पौधों और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। जैविक कचरे का उपयोग करने के लिए केंचुआ खाद यानी वर्मीकम्पोस्ट तैयार करने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

परिजनों की स्मृति को स्थायी स्वरूप देने के लिए विद्यालय परिसर में स्मृति द्वार बनाने की योजना है। विकास कार्यों को पूरा करने के लिए प्रकाश जायसवाल निजी संसाधनों के साथ सरकारी योजनाओं, समाज के प्रबुद्धजनों और भामाशाहों का सहयोग भी लेंगे।

यह पहल विद्यालय परिसर को हराभरा और आकर्षक बनाने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने, व्यावहारिक कौशल विकसित करने और सामाजिक सहभागिता का महत्व समझाने की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा।

ADVERTISEMENT
लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

comment पाठकों की प्रतिक्रिया (Comments)

अपनी राय दर्ज करें: