बून्दी। देश भर में व्याप्त ग्रामीण कृषि भूमि रूपांतरण के बाद भी ऋण नहीं मिलने की समस्या पर वित्तमंत्री से किसान संघ के प्रतिनिधियों ने मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत करवाया।
भारतीय किसान संघ का प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान प्रदेश राजस्व प्रमुख शिवराज पुरी बूंदी के नेतृत्व में देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कर्तव्य भवन में मुलाकात कर ग्रामीण कृषि भूमि के संपरिवर्तन के बाद देश भर के बैंकों द्वारा उस भूमि पर ऋण नहीं दिए जाने की गंभीर समस्या से अवगत करवाते हुए मांग पत्र सौंपा।
इन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र में कृषि भूमि का कन्वर्जन होने पर उस पर बैंक ऋण दे रहे है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में वही कृषि भूमि जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी अथवा तहसीलदार जैसे सक्षम अधिकारी के द्वारा रूपांतरित की जा रही है तो उस पर कृषि भूमि का आवासीय, वाणिज्यिक अथवा औद्योगिक रूपांतरित होने के बाद उस भूमि पर ऋण नहीं मिल रहा है, जो सिस्टम की त्रुटि रही है। इन्होंने वित्त मंत्रालय द्वारा इस त्रुटि को दूर कर बैंकों द्वारा देश भर के लाखों रूपांतरित भूमियों पर ऋण दिए जाने की सुविधा लागू करने का प्रावधान लागू किए जाने की मांग की ताकि ऐसे वंचित सभी किसानों को ऋण मिल सके और उस भूमि पर अपना व्यवसाय रोजगार ठीक से कर सके। किसान संघ के राजस्व प्रमुख षिवराज पुरी ने कहा कि इस समस्या को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से वार्ता कर समस्या के समाधान के लिए मांग पत्र सौंपा जिस पर वित्तमंत्री द्वारा इस समस्या पर गंभीरता से विचार कर उचित समाधान करने का आश्वासन दिया।
वार्ता करने एवं मांग पत्र सौंपने के दौरान प्रतिनिधि मंडल में राजस्थान प्रदेश राजस्व प्रमुख शिवराज पूरी बूंदी के साथ किसान संघ के प्रदेश पदाधिकारी बद्रीलाल जाट भीलवाड़ा, गोपाल लाल खटवड़ प्रतापगढ़, गीता लाल धाकड़ चित्तौड़गढ़ एवं सोहनलाल अंजना निंबाहेड़ा उपस्थित रहे।
