नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
कोटा, 5 अक्टूबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नवनिर्वाचित महापौर, सभापति और नगर निकाय अध्यक्षों के साथ संवाद करते हुए शहरों के विकास के लिए 100 दिवसीय रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निकाय प्रतिनिधियों का पद केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनसेवा का मिशन है। जनता को अपने शहर में बदलाव साफ नजर आना चाहिए। कार्यक्रम में कोटा की नवनिर्वाचित महापौर अनुसुईया गोस्वामी और नगर निगम आयुक्त ओपी मेहरा भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दीपावली से पहले शहरों में सफाई, सड़क, बिजली, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, नालियों, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण से जुड़े जरूरी कार्य एक माह में पूरे किए जाएं। उन्होंने सफाई और कचरा संग्रहण, जलभराव, पार्कों के रखरखाव, आवारा पशुओं, अतिक्रमण और सीवरेज जैसी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान करने को कहा। निकाय प्रमुखों को नियमित रूप से क्षेत्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं की निगरानी और विकास कार्यों की गुणवत्ता जांचने के निर्देश भी दिए।
संवाद के दौरान महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने मुख्यमंत्री को कोटा को स्वच्छ और सुंदर बनाने तथा नगर निगम से जुड़े आमजन के कार्यों को सरल बनाने की प्रस्तावित रूपरेखा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बोर्ड गठन के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर 100 दिवसीय रोडमैप के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने निकायों को वित्तीय प्रबंधन मजबूत करने और आय के स्रोत बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। पार्षद वार्ड की सीमाओं से ऊपर उठकर पूरे शहर के विकास की सामूहिक सोच से काम करें। सड़क और सीवरेज जैसी सुविधाओं की योजना पूरे शहर की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी, अमृत योजना और स्मार्ट सिटी मिशन सहित विभिन्न योजनाओं से शहरी विकास को नई दिशा मिली है। राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को 125 दिन का रोजगार, 188 नगरीय निकायों में एफएसटीपी और निशुल्क डीस्लजिंग सेवा जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। विकसित वार्ड अभियान के जरिए शहरों के सुनियोजित विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के शहरों को बेहतर सुविधाओं के साथ विश्वस्तरीय बनाना है। बैठक में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
