नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
दिवाली के बाजार में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावट की आशंका भी सामने आने लगी है। कोटा के किशोरपुरा थाना क्षेत्र की सिंधी कॉलोनी में पुलिस ने एक छोटी सी दुकान से करीब 1920 किलो संदिग्ध मिल्क केक और मावा पकड़ा है। महज 100 वर्गफीट की दुकान में 20 क्विंटल के करीब खाद्य सामग्री भरी हुई थी। आशंका है कि इसे त्योहारी सीजन में बाजार और ग्रामीण क्षेत्रों में खपाने की तैयारी थी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दो ब्रांड के छह नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने तक पूरा माल सीज रहेगा।
शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बताया कि दिवाली पर मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान सिंधी कॉलोनी की एक दुकान में बड़ी मात्रा में संदिग्ध मिल्क केक और मावा रखे होने की सूचना मिली। पुलिस टीम पहले मौके पर पहुंची और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क कर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को बुलाया गया। जांच में अलग-अलग पैकेट और कार्टून में सामग्री रखी मिली। दुकान बृजेश कुमार की बताई गई है, जिसे उन्होंने जमुना शंकर राठौड़ को किराए पर दे रखा था।
थानाधिकारी चेतन शर्मा के अनुसार मौके पर दो अलग-अलग ब्रांड के 48 कार्टून मिले। प्रत्येक कार्टून में 16 डिब्बे थे और एक डिब्बे का वजन ढाई किलो था। इस तरह कुल वजन 1920 किलो निकला। दोनों ब्रांड के नमूने लेने के लिए छह सैंपल खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट में खाद्य सामग्री घटिया या मानकों के विपरीत पाए जाने पर नियमानुसार उसे नष्ट करवाने की कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मोबाइल फोन बंद होने की बात भी सामने आई। पूरे अभियान की अगुवाई पुलिस टीम कर रही थी। अब जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि त्योहार पर लोगों तक पहुंचने वाली इस खेप की गुणवत्ता कैसी थी। फिलहाल सवाल यह भी है कि इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री एक छोटी दुकान में भंडारित रही तो इसकी सप्लाई व्यवस्था और भंडारण की निगरानी पहले क्यों नहीं हो पाई।
