कोटा, 28 सितंबर। शहर को बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ की समस्या से राहत दिलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर कोटा विकास प्राधिकरण ने 280 करोड़ रुपए की फ्लड मिटिगेशन योजना तैयार की है। योजना के पहले चरण में राज्य सरकार ने राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF) से 50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इसमें चार प्रमुख नाला निर्माण और अन्य कार्य शामिल हैं। स्वीकृत 50 करोड़ रुपए से स्वामी दयानंद सरस्वती मार्ग के पास, अल्हा उदल पार्क के समीप 3.80 करोड़ रुपए की लागत से नाला बनाया जाएगा। लाखावा तालाब कैचमेंट से एनएच-27 के सहारे नाला निर्माण पर 17.10 करोड़ रुपए खर्च होंगे। आरएमसी केनाल रायपुरा से देवली अरब पुलिया तक नाला निर्माण के लिए 24.10 करोड़ रुपए तथा विभिन्न नॉन-स्ट्रक्चरल कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इन कार्यों से बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था मजबूत होगी और जलभराव वाले क्षेत्रों को राहत मिलेगी।
परियोजना के दूसरे चरण में शहर के 9 प्रमुख नालों की 29 किलोमीटर लंबाई में चैनलाइजेशन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। इसकी अनुमानित लागत 150.13 करोड़ रुपए है। 28 सितंबर को आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के मंत्री की अध्यक्षता में हुई मूल्यांकन समिति की बैठक में कोटा विकास प्राधिकरण ने यह प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस चरण में 26.60 करोड़ रुपए की लागत से देवाशीष सिटी से कौटिल्य नगर होते हुए देवली अरब तक 4.50 किलोमीटर नाला/सेफ्टी वॉल बनाया जाना प्रस्तावित है। 8.45 करोड़ रुपए की लागत से प्रगति नगर से 80 फीट रोड तक 1.85 किमी, 7.86 करोड़ रुपए की लागत से तेखड़ा पुलिया से साकेत आवास तक 2 किमी तथा मानपुरा से बोरखंडी, वार्ड संख्या 19 कोटा उत्तर तक 16.73 करोड़ रुपए की लागत से 3.15 किमी नाला निर्माण भी इसमें शामिल है।
दौलतगंज कैचमेंट एरिया से आंवली, रोझड़ी और नयागांव लिंक नाले तक 19.21 करोड़ रुपए की लागत से 3.70 किमी, बंधा-धर्मपुरा कैचमेंट एरिया से देव नारायण योजना के पीछे तक 24.53 करोड़ रुपए की लागत से 4.85 किलोमीटर, सूचना केंद्र से मालाफाटक पुलिया तक 13.52 करोड़ रुपए की लागत से 2.45 किमी तथा एसपी ऑफिस सर्किल से माला रोड तक 10.92 करोड़ रुपए की लागत से 2.10 किलोमीटर ड्रेन निर्माण प्रस्तावित है। रानपुर शैक्षणिक क्षेत्र से कोटा बाईपास एनएच-27 तक 22.30 करोड़ रुपए की लागत से 4.40 किलोमीटर नाला निर्माण भी इसी चरण में होगा।
पहले और दूसरे चरण में कुल 200 करोड़ रुपए के कार्य प्रस्तावित हैं। इनकी स्वीकृति के बाद शेष नालों की चैनलाइजेशन और सुदृढ़ीकरण के लिए तीसरे चरण में 80 करोड़ रुपए की स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। तीनों चरण पूरे होने के बाद 280 करोड़ रुपए की इस परियोजना से कोटा में बाढ़ और जलभराव की समस्या को काफी हद तक दूर करने में मदद मिलेगी।
