रामगंजमंडी (कोटा)। रामगंजमंडी के कुंभकोट क्षेत्र में बंद पड़ी कोटा स्टोन खदान में डूबे ट्रैक्टर-ट्रॉली को तलाशने के दौरान लापता हुए स्थानीय गोताखोर प्रकाश अहीर (बोरिना) का शव करीब 40 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने खदान परिसर के बाहर शव रखकर धरना शुरू कर दिया और मृतक के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की।

55 फीट गहरे पानी में चला रेस्क्यू ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, प्रकाश अहीर खदान में डूबे ट्रैक्टर को क्रेन की मदद से बाहर निकालने के लिए पानी के भीतर रस्सी बांधने उतरे थे। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गए। सूचना मिलने पर कोटा से पहली रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और काफी प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इसके बाद दूसरी रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने बुधवार दोपहर दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम के गोताखोर विष्णु श्रृंगी और रोकी डेनियल ने स्कूबा डाइविंग किट के साथ करीब 55 फीट गहरे पानी में उतरकर तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद उन्हें प्रकाश का शव ट्रैक्टर और ट्रॉली के बीच फंसा हुआ मिला। इसके बाद सावधानीपूर्वक शव को बाहर निकाला गया।
शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने शुरू किया धरना
शव बाहर आते ही मौके पर परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने खदान परिसर के बाहर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि मृतक गोताखोर के परिवार को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा मिलने तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने अंतिम संस्कार नहीं करने की बात भी कही है।
मौके पर पुलिस और प्रशासन तैनात
घटनास्थल पर तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। प्रशासनिक अधिकारी परिजनों और ग्रामीणों से लगातार बातचीत कर रहे हैं और उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि बातचीत के जरिए गतिरोध समाप्त हो और स्थिति शांतिपूर्ण तरीके से सामान्य हो सके।
स्थानीय ग्रामीणों की मुख्य मांग मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता दिलाने की है।
