कोटा, 18 अक्टूबर | नागरिक अभिव्यक्ति। अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में रह रही लगभग 23 वर्षीय बाघिन ‘महक’ के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे फिलहाल डिस्प्ले एरिया में नहीं छोड़ने का निर्णय लिया गया है। रविवार को गठित समिति ने बाघिन की शारीरिक स्थिति का परीक्षण किया। बढ़ती उम्र और शरीर का संतुलन बनाए रखने में हो रही परेशानी को देखते हुए उसकी सुरक्षा और आराम को प्राथमिकता देने की अनुशंसा की गई।
स्वास्थ्य परीक्षण में सामने आई शारीरिक परेशानी
बाघिन ‘महक’ के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए गठित समिति में सहायक वन संरक्षक पंकज मीणा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार पाण्डेय और डॉ. त्रिलोक गोचर शामिल रहे। परीक्षण के दौरान बाघिन के शरीर का तापमान और श्वसन दर सामान्य सीमा में पाए गए।
वन विभाग के अनुसार, बाघिन ने 17 अक्टूबर को भोजन नहीं किया था, जबकि 18 अक्टूबर को उसने लगभग 2.8 किलोग्राम चिकन खाया। जांच में उसके शरीर के पिछले हिस्से की कार्यक्षमता प्रभावित पाई गई, जिससे उसे शरीर का संतुलन बनाए रखने में कठिनाई हो रही है।
गिरने और चोट लगने की आशंका के चलते फैसला
समिति ने बाघिन की अधिक आयु और वर्तमान शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसे फिलहाल डिस्प्ले एरिया में नहीं रखने की अनुशंसा की। अधिकारियों के अनुसार, संतुलन बनाने में कठिनाई के कारण उसके गिरने, चोट लगने और शारीरिक तनाव की आशंका है। ऐसे में उसे आरामदायक और सुरक्षित स्थान पर रखना आवश्यक है।
समिति की अनुशंसा के आधार पर मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र निदेशक, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व टी. मोहनराज तथा उप वन संरक्षक (वन्यजीव), कोटा प्रमोद कुमार धाकड़ ने बाघिन को फिलहाल डिस्प्ले एरिया में नहीं छोड़ने का निर्णय लिया है।
नाइट शेल्टर और कराल में होगी देखभाल
वन विभाग के अनुसार, बाघिन ‘महक’ को नाइट शेल्टर और कराल क्षेत्र में रखा जाएगा, ताकि उसे आवश्यकता के अनुसार देखभाल और पर्याप्त विश्राम मिल सके। उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए केयरटेकर और वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वन विभाग बाघिन के स्वास्थ्य और शारीरिक स्थिति की नियमित निगरानी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी सुरक्षा, आराम और समुचित देखभाल को ध्यान में रखते हुए आगे के निर्णय लिए जाएंगे।
